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मेरे लंगड़ाकर चलने पर सर्जरी वार्ड में सब हँसते थे, जब तक कि…

भाग 2

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वह सीधे उस मरीज के वार करने की दूरी के भीतर चली गई, जो बेकाबू होकर हाथ-पैर मार रहा था।

— नर्स रो, पीछे हटिए! — फिच चिल्लाया। — वह आपको मार देगा!

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मार्गरेट ने उसकी बात अनसुनी कर दी।

उसने मरीज की ओर देखा।

उसकी आँखें इधर-उधर दौड़ रही थीं, जैसे वह किसी ऐसे रेगिस्तान को देख रहा हो जो वहाँ था ही नहीं।

मार्गरेट ठीक-ठीक जानती थी कि उसका दिमाग कहाँ भटक रहा है।

उसने उसे दबाने की कोशिश नहीं की।

इसके बजाय उसने अपना बायाँ हाथ उसके सीने के बीचोंबीच, उरोस्थि के ठीक ऊपर, पूरी ताकत से रख दिया और ज़मीन से जोड़ने वाला गहरा दबाव डाला।

दाएँ हाथ से उसने उसका जबड़ा पकड़ा।

इतना ज़ोर से नहीं कि दर्द हो।

लेकिन इतना मज़बूती से कि उसका चेहरा उसकी ओर मुड़ जाए।

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उसने उसकी आँखों में अपनी आँखें गड़ा दीं।

— मास्टर चीफ!

मार्गरेट गरजी।

उसकी आवाज़ तेज़, कठोर और दया से पूरी तरह खाली थी।

— मेरी तरफ देखो!

मरीज बुरी तरह तड़पा।

उसकी मुट्ठी मार्गरेट के कंधे से टकराई।

वह दर्द से कराही।

झटके ने उसकी रीढ़ में बिजली-सी दौड़ा दी।

लेकिन वह टस से मस नहीं हुई।

उसने अपना भार अपने सही पैर पर डाला और खुद को पत्थर के खंभे की तरह जमा लिया।

— मास्टर चीफ, रिपोर्ट दो!

उसने आदेश दिया।

उसकी आवाज़ में शुद्ध अधिकार भरा हुआ था।

सैन्य प्रशिक्षण, जो आघात और घबराहट की परतों के नीचे कहीं दबा पड़ा था, इस आदेश से जाग उठा।

मरीज झपका।

उसकी साँसें बेकाबू थीं।

सीना मार्गरेट के हाथ के नीचे ऊपर-नीचे हो रहा था।

— तुम ओकरिज अस्पताल में हो।

मार्गरेट ने कहा।

अब उसकी आवाज़ गहरी, स्थिर और लयबद्ध थी।

— तुम अमेरिका में हो। हेलीकॉप्टर से उतर चुके हो। परिधि सुरक्षित है। मैं नर्स रो हूँ। क्या मेरी बात समझ रहे हो?

मरीज ने काँपती हुई गहरी साँस ली।

उसकी आँखों का जंगली आतंक धीरे-धीरे कम होने लगा।

उसकी जगह गहरा भ्रम आ गया।

और फिर भयंकर थकान।

वह मार्गरेट को घूरता रहा।

— सुरक्षित…

वह फुसफुसाया।

उसकी आवाज़ टूट रही थी।

— परिधि… सुरक्षित…

— बिल्कुल सही।

मार्गरेट ने कहा।

उसका स्वर थोड़ा नरम हुआ।

अब उसका अंगूठा उसके जबड़े पर हल्के से फिर रहा था।

— तुम अमेरिका में हो। आराम करो, नाविक। हमें अपना काम करने दो।

लड़ाई का सारा जोश एकदम से निकल गया।

उसकी भारी बाँहें गद्दे पर गिर गईं।

उसने आँखें बंद कर लीं।

साँसें धीरे-धीरे सामान्य हो गईं।

ट्रॉमा बे में सन्नाटा छा गया।

सिर्फ़ हार्ट मॉनिटर की नियमित बीप सुनाई दे रही थी।

फिच मार्गरेट को घूर रहा था।

उसका मुँह थोड़ा खुला हुआ था।

क्लोए अब भी हैलडोल की इस्तेमाल न की गई सिरिंज पकड़े काँप रही थी।

मार्गरेट ने धीरे-धीरे अपनी पकड़ छोड़ी।

उसका दायाँ पैर जल रहा था।

अपने शरीर को संभालने की कोशिश में उसकी मांसपेशियाँ काँप रही थीं।

वह एक कदम पीछे हटी।

घिसट।

टक।

शांत कमरे में आवाज़ असामान्य रूप से तेज़ सुनाई दी।

उसने ऊपर देखा।

और उसकी नज़र कैप्टन एडलर से मिली।

वह बिस्तर के पायताने पर अब भी खड़ा था।

हिला तक नहीं था।

उसकी बर्फीली नीली आँखें सीधे उसी पर टिकी थीं।

वह उसे उस सामान्य दया और असहजता से नहीं देख रहा था जिसकी उसे आदत पड़ चुकी थी।

वह उसे वैसे देख रहा था जैसे एक सैनिक गोलीबारी के बाद दूसरे सैनिक को देखता है।

उसने उसकी मुद्रा देखी।

दर्द छिपाने की कोशिश में चेहरे पर उभरती हल्की सिकुड़न देखी।

और उसके भारी ऑर्थोपेडिक जूते को भी।

मार्गरेट के भीतर अचानक अपनी टाँग छिपा लेने की तीव्र इच्छा उठी।

पुराना अपमान फिर से जाग गया।

उसने नज़रें हटा लीं।

उसका चेहरा गर्म हो उठा।

वह एक स्टेराइल तौलिया उठाकर मरीज की बाँह साफ़ करने लगी जहाँ आईवी लाइन निकल गई थी।

— नई लाइन लगाओ।

मार्गरेट ने बुदबुदाया।

उसकी आवाज़ भारी थी।

— और यह काँच साफ़ करो, कोई फिसल जाएगा।

वह मुड़ी।

वह भागकर फिर उसी अँधेरे और शांत स्टोररूम में लौट जाना चाहती थी।

उसे बैठने की ज़रूरत थी।

उसका घुटना आग की तरह जल रहा था।

— नर्स।

एक गहरी आवाज़ गूँजी।

मार्गरेट दरवाज़े पर रुक गई।

वह धीरे-धीरे मुड़ी।

घिसट।

टक।

कैप्टन एडलर बिस्तर से दूर हटकर कमरे के बीचोंबीच आ गया।

उसने फिच को नज़रअंदाज़ किया।

क्लोए को भी।

उसकी नज़र सिर्फ़ मार्गरेट पर थी।

ट्रॉमा बे में फिर सन्नाटा उतर आया।

भारी।

गीले सीमेंट जितना भारी।

सिर्फ़ ऑक्सीजन यूनिट की फुफकार और दीवार घड़ी की टिक-टिक सुनाई दे रही थी।

मार्गरेट दरवाज़े के चौखट को पकड़े खड़ी रही।

अब उसका दायाँ पैर चीख रहा था।

जाँघ से एड़ी तक दर्द की जलती हुई लकीर फैल रही थी।

उसने भार अच्छे पैर पर डाला।

उसे नफ़रत थी कि ऐसा करते समय उसकी कमर अजीब तरह से झुक जाती थी।

— कैप्टन?

डॉ. फिच ने बीच में कहा।

उसकी आवाज़ फिर वही पेशेवर अधिकार वाला स्वर बन चुकी थी।

उसने अपने सफ़ेद कोट को सीधा किया।

— व्यवधान के लिए क्षमा चाहता हूँ। आक्रामक मरीजों के लिए हमारे मानक प्रोटोकॉल हैं। नर्स रो ने अपनी सीमा पार कर दी। वह प्राथमिक ट्रॉमा टीम का हिस्सा नहीं हैं।

एडलर ने पलक तक नहीं झपकाई।

उसने सिर भी नहीं घुमाया।

वह बस मार्गरेट को देखता रहा।

— यह कोई मानक अस्पताल डी-एस्केलेशन तकनीक नहीं थी।

एडलर ने कहा।

उसकी आवाज़ धीमी थी।

— यह सामरिक ग्राउंडिंग होल्ड था। तुमने उसे बाँधा नहीं। तुमने उसे स्थिर किया।

मार्गरेट ने निगलते हुए गला साफ़ किया।

उसे लगा जैसे गले में रेत भर गई हो।

उसने माथे का पसीना पोंछा।

उसके शरीर से सस्ती कॉफी और एड्रेनालिन की गंध आ रही थी।

जो ओकरिज मेमोरियल की लैवेंडर-सुगंधित दुनिया से बिल्कुल अलग थी।

— वह एक मानसिक चक्र में फँसा हुआ था, सर।

मार्गरेट ने कठोर स्वर में कहा।

— मैंने बस वह चक्र तोड़ दिया।

क्लोए आगे बढ़ी।

वह मेडिकल टेप का रोल ऐसे पकड़े थी जैसे ढाल हो।

— मार्गरेट आमतौर पर स्टोररूम संभालती हैं।

उसने कहा।

उसकी आवाज़ में वही परिचित संरक्षणवादी मिठास थी।

— उनकी कुछ गतिशीलता संबंधी सीमाएँ हैं। हम उन्हें तेज़ गति वाले विभागों से दूर रखते हैं।

मार्गरेट ने एक पल के लिए आँखें बंद कर लीं।

लो, फिर आ गया।

वही कॉर्पोरेट भाषा।

“गतिशीलता संबंधी सीमाएँ।”

वह हँसना चाहती थी।

यह शब्द कितना साफ़-सुथरा लगता था।

यह नहीं बताता था कि गर्म धातु का टुकड़ा कैसे मांस, वसा और हड्डी को चीरता हुआ निकलता है।

और कैसे कोई अफ़ग़ानिस्तान की मिट्टी में अपना खून बहाता हुआ पड़ा रहता है।

एडलर ने पहली बार अपनी नज़र मार्गरेट से हटाई।

उसने क्लोए की ओर देखा।

फिर फिच की ओर।

उसके चेहरे का भाव नहीं बदला।

लेकिन कमरे का तापमान जैसे दस डिग्री गिर गया।

— गतिशीलता संबंधी सीमाएँ।

एडलर ने दोहराया।

उसके मुँह से यह शब्द किसी मज़ाक की तरह लगा।

ऐसे मज़ाक की तरह जो उसे बिल्कुल पसंद न हो।

उसने मार्गरेट के बाएँ पैर की ओर देखा।

उस भारी काले ऑर्थोपेडिक जूते की ओर।

फिर उसकी आँखों में देखा।

— तुम कहाँ तैनात थीं?

एडलर ने पूछा।

मार्गरेट तन गई।

उसे इस हिस्से से नफ़रत थी।

लोग हमेशा कोई फ़िल्मी कहानी चाहते थे।

वे वीरता, आँसू और संगीत वाली कहानी सुनना चाहते थे।

वे कभी नहीं सुनना चाहते थे कि जलते हुए इंसानी बालों की गंध कैसी होती है।

या कोई जवान अपनी आँतें पकड़े हुए अपनी माँ को पुकारते हुए कैसे चिल्लाता है।

— मुझे इन्वेंटरी पूरी करनी है, कैप्टन।

मार्गरेट ने बात टाल दी।

— क्षमा कीजिए।

वह मुड़ी।

और अपने अकड़े हुए पैर को घुमाने के लिए चौखट पकड़ ली।

घिसट।

टक।

— नर्स।

एडलर की आवाज़ कोड़े की तरह गूँजी।

यह अनुरोध नहीं था।

आदेश था।

मार्गरेट रुक गई।

उसके कंधे झुक गए।

पुराना सैन्य प्रशिक्षण फिर जाग उठा।

— तुमने वह तकनीक किसी नर्सिंग की किताब से नहीं सीखी।

एडलर बोला।

वह उसके पास आता गया।

सिर्फ़ दो फीट दूर रुक गया।

— तुमने सैन्य आदेशों की लय इस्तेमाल की। तुमने उसकी रैंक बिना चार्ट देखे पहचान ली। तुम्हें पता था टूटे काँच की आवाज़ उसके दिमाग पर क्या असर करेगी।

वह ठहर गया।

— आख़िरी बार पूछ रहा हूँ। तुम कहाँ तैनात थीं?

— कैप्टन एडलर…

फिच ने झुँझलाकर कहा।

— हमें मरीज का सीटी स्कैन—

— चुप रहिए, डॉक्टर।

एडलर ने कहा।

उसने आवाज़ ऊँची नहीं की।

ज़रूरत भी नहीं थी।

फिच सचमुच एक कदम पीछे हट गया।

एडलर ने फिर मार्गरेट की ओर देखा।

— नाम और यूनिट।

मार्गरेट ने उसकी ओर देखा।

वह थक चुकी थी।

बहुत थक चुकी थी।

— रो।

उसने बुदबुदाया।

— मार्गरेट रो। लेफ्टिनेंट। नेवी नर्स कॉर्प्स।

वह रुकी।

— कंधार। रोल-3 ट्रॉमा यूनिट। 2018।

एडलर जम गया।

उसकी साँस तक रुक गई।

उसके चेहरे का कठोर मुखौटा पहली बार टूट गया।

— रो…

वह फुसफुसाया।

— लेफ्टिनेंट मेग रो…

मार्गरेट सिहर उठी।

छह साल से किसी ने उसे “मेग” नहीं कहा था।

एडलर ने धीरे से साँस ली।

उसने उसकी टाँग की ओर देखा।

अब उसकी आँखों में कोई सवाल नहीं था।

सिर्फ़ पहचान थी।

एक साझा भूत की पहचान।

— 12 अगस्त।

एडलर ने कहा।

— कैंप बैस्टियन की बाहरी परिधि। सामूहिक हताहतों के दौरान एक मोर्टार शेल द्वितीयक ट्रायेज टेंट पर गिरा था।

क्लोए घबराकर इधर-उधर देखने लगी।

— वह किस बारे में बात कर रहे हैं?

उसने फुसफुसाया।

मार्गरेट फ़र्श को घूरती रही।

उसे बारूद की गंध महसूस होने लगी।

मुँह में धूल और लोहे का स्वाद लौट आया।

उसकी टाँग धड़क उठी।

ठीक वैसे ही जैसे उस दिन जब धातु का टुकड़ा उसके आर-पार निकल गया था।

— हमें उसकी रिपोर्ट तीन दिन बाद मिली थी।

एडलर बोला।

— टेंट गिर गया था और उसमें आग लग गई थी। अधिकांश स्टाफ निकल गया। लेकिन तीन मरीन अभी भी ऑपरेशन टेबल पर बेहोश पड़े थे।

— कैप्टन, बस कीजिए…

मार्गरेट फुसफुसाई।

एडलर नहीं रुका।

— रिपोर्ट के अनुसार एक अकेली सर्जिकल नर्स जलते हुए टेंट में वापस गई।

— उसने दो मरीन को उनके बॉडी आर्मर पकड़कर बाहर घसीटा।

— और जब वह तीसरे को लेने लौटी, तब दूसरा विस्फोट हुआ।

फिच ने ज़ोर से निगला।

दरवाज़े पर खड़े कर्मचारी स्तब्ध थे।

— शरापनेल का अधिकांश हिस्सा उसी नर्स को लगा।

एडलर बोला।

— उसकी फीमर टूट गई। घुटना नष्ट हो गया। उसकी आईटी बैंड चिथड़े-चिथड़े हो गई।

वह रुका।

— उसने टूटी हुई आईवी लाइन से खुद अपने पैर पर टॉर्निकेट बाँधा। फिर रेंगते हुए तीसरे मरीन को कॉलर पकड़कर बाहर घसीटा।

— और तीनों जीवित बच गए।

कमरे में पूर्ण सन्नाटा छा गया।

क्लोए मार्गरेट की टाँग को घूर रही थी।

उसका चेहरा बिल्कुल सफेद पड़ चुका था।

फिच अपने महँगे जूतों की ओर देख रहा था।

मार्गरेट को कोई विजय महसूस नहीं हुई।

वह नायिका जैसा महसूस नहीं कर रही थी।

वह बीमार महसूस कर रही थी।

उसे नफ़रत थी कि अब सब जान गए थे।

— मैं बस अपना काम कर रही थी।

उसने सपाट स्वर में कहा।

— जैसे यहाँ कर रही हूँ।

— बस इन्वेंटरी पूरी करने की कोशिश कर रही हूँ, कैप्टन।

एडलर ने उसे देखा।

उसने उसके भीतर छिपे युद्ध को देखा।

उसने समझ लिया कि उसे पदक नहीं चाहिए।

ताली नहीं चाहिए।

उसे सिर्फ़ इतना चाहिए था कि उसका घुटना दर्द करना बंद कर दे।

और लोग उसे इंसान की तरह देखें।

टूटी हुई चीज़ की तरह नहीं।

एडलर एक कदम पीछे हट गया।

उसने अपने कंधे सीधे किए।

एड़ियाँ मिलाईं।

ट्रॉमा बे में आवाज़ गूँज उठी।

फिर उसने वही किया जो वास्तव में मायने रखता था।

सम्मान।

कैप्टन डेविड एडलर ने अपना दायाँ हाथ उठाया।

और एक बिल्कुल सटीक सैन्य सलामी दी।

धीमी।

सम्मानपूर्ण।

अडिग।

ओकरिज मेमोरियल की चमकदार दुनिया के बीच।

घमंडी डॉक्टर के सामने।

व्यंग्य करती नर्स के सामने।

एक टूटी हुई, लंगड़ाती नर्स के सामने जो हाथ में मेडिकल टेप पकड़े खड़ी थी।

मार्गरेट की साँस अटक गई।

उसकी आँखों के पीछे दर्द उठा।

उसकी टाँग के दर्द से भी अधिक।

छह वर्षों में उसने अपने चारों ओर जो कठोर खोल बना लिया था, उसमें पहली दरार पड़ गई।

वह रोई नहीं।

वह बहुत थक चुकी थी।

लेकिन उसकी ठुड्डी काँप गई।

वह थोड़ी और सीधी खड़ी हुई।

उसका घुटना अब भी दर्द कर रहा था।

जूता अब भी भारी था।

वह अब भी टूटी हुई थी।

लेकिन शर्म गायब हो चुकी थी।

नर्स स्टेशन की फुसफुसाहटें।

गलियारों की हँसी।

सब धूल बन चुकी थीं।

मार्गरेट ने सलामी पूरी तरह सही ढंग से वापस नहीं की।

उसका कंधा अब भी दुख रहा था।

लेकिन उसने हाथ उठाया।

एक छोटी, कठोर और सम्मानपूर्ण स्वीकृति।

फिर उसने सिर हिलाया।

एडलर ने अपना हाथ नीचे कर लिया।

और कमरे में जमा हुआ तनाव आखिरकार टूट गया।

Disclaimer : This content may be created by AI for entertainment purposes. Any resemblance to real persons, events, or places is coincidental.