
भाग 2
अलेजांद्रो डिएगो को रोमा कॉलोनी के पास एक छोटे से कैफ़े में ले गया, ड्राइवरों, कैमरों और परिचितों से दूर।
उसने कॉफी, मीठी ब्रेड और पानी मंगवाया। लेकिन उसने कुछ भी नहीं छुआ।
वह अपने बेटे को देखना बंद नहीं कर पा रहा था।
और भी दुबला शरीर। निशानों से भरे हाथ। जिस तरह वह अपने पैर को सावधानी से संभालकर बैठा था, जैसे हर हरकत उसे दर्द देती हो।
“मुझे सब कुछ बताओ,” अलेजांद्रो ने टूटी हुई आवाज़ में कहा। “तुम ये दो साल कहाँ थे?”
डिएगो ने नज़रें झुका लीं।
“जिस रात दुर्घटना हुई थी, मार्सेला गाड़ी चला रही थी।”
अलेजांद्रो की साँस अटक गई।
“मार्सेला?”
“हाँ। वह पोलांको में एक डिनर से लौट रही थी। उसने शराब पी रखी थी। मैं तुमसे झगड़ा करने के बाद रिफोर्मा पर पैदल चल रहा था। मैं सड़क पार करना चाहता था और तभी कार अचानक सामने आ गई।”
अलेजांद्रो ने कप को इतनी ज़ोर से पकड़ लिया कि वह लगभग टूट गया।
डिएगो आगे बोला।
“मैं क्वेरेटारो के एक निजी क्लिनिक में होश में आया। मेरे पास न मोबाइल था, न बटुआ, न कोई दस्तावेज़। वे मुझे बताते रहे कि मेरी हालत बहुत खराब थी, मुझे आराम की ज़रूरत थी और तुम मुझसे मिलना नहीं चाहते थे।”
“यह झूठ है।”
“अब मुझे पता है। लेकिन उस समय मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या सोचूँ।”
डिएगो ने अपनी जैकेट से एक मुड़ा हुआ कागज़ निकाला और मेज़ पर रख दिया।
वह एक पत्र था।
अलेजांद्रो ने काँपते हाथों से उसे खोला।
पत्र में लिखा था कि डिएगो परिवार के लिए शर्म की बात है, उसे कभी वापस नहीं आना चाहिए और उसका पिता उसे एक असफल संगीतकार के रूप में देखने से बेहतर मृत मानना पसंद करेगा।
उस पर अलेजांद्रो के हस्ताक्षर की नकल की गई थी।
अलेजांद्रो का चेहरा पीला पड़ गया।
“मैंने यह कभी नहीं लिखा।”
“मार्सेला ने मुझे यह तीन बार दिखाया,” डिएगो ने कहा। “वह कहती थी कि अगर मैं वापस गया तो मैं तुम्हें बर्बाद कर दूँगा। वह कहती थी कि तुम्हें दिल की बीमारी है। कि मेरी वजह से तुम लगभग मर चुके थे।”
अलेजांद्रो को अचानक बहुत-सी बातें याद आने लगीं।
मार्सेला का उसे अनजान कॉल्स का जवाब न देने के लिए कहना।
मार्सेला का पुराने कर्मचारियों को बदल देना।
मार्सेला का सैन एंजेल वाला पारिवारिक घर यह कहकर बेच देना कि ‘वहाँ बहुत सारी यादें हैं।’
मार्सेला का हर रात उसे नींद की गोलियाँ देना।
हमेशा मार्सेला।
“तुम उस क्लिनिक से बाहर कैसे निकले?” अलेजांद्रो ने पूछा।
डिएगो ने गहरी साँस ली।
“एक नर्स को मुझ पर दया आ गई। उसका नाम लुपिता था। उसने मुझसे कहा, ‘बेटा, यहाँ कुछ गड़बड़ है, और वह अस्पताल की गंध नहीं है।’ उसने मेरी फ़ाइल की एक कॉपी रख ली और मुझे भागने में मदद की।”
एक रात वह नर्स उसे सर्विस गेट से बाहर ले गई। उसने उसे 800 पेसो, एक पुरानी स्वेटशर्ट और ओआक्साका जाने की बस टिकट दी।
डिएगो वहाँ किसी को नहीं जानता था।
वह चार रातें सेंट्रल डे अबास्तो के पास सोया। उसके पास एक टूटी हुई गिटार थी जो रास्ते में एक आदमी ने उसे दी थी। वह मुश्किल से चलता था, जो मिलता था वही खाता था और उसे हमेशा डर रहता था कि मार्सेला उसे ढूँढ़ लेगी।
फिर डॉन हासिंतो उसकी ज़िंदगी में आए।
वह एक विधुर मैकेनिक था, ओआक्साका के एक शांत मोहल्ले में उसकी अपनी वर्कशॉप थी। उसने डिएगो को फुटपाथ पर बैठे देखा, बुखार में तपते हुए, बैसाखियाँ बगल में पड़ी थीं।
“तुम किसी खोए हुए पिल्ले जैसे लग रहे हो, लड़के,” उसने कहा। “लेकिन खोए हुए कुत्ते भी छत के हकदार होते हैं।”
डॉन हासिंतो उसे अपने घर ले गया, उसे चिकन सूप दिया, साफ कपड़े दिए और औज़ारों वाले कमरे में एक गद्दा दे दिया।
फिर उसने उसे काम भी दिया।
डिएगो वर्कशॉप में झाड़ू लगाता, पुर्ज़े व्यवस्थित करता, छोटे-मोटे काम करता और शाम को एक छोटे भोजनालय के सामने गिटार बजाता। लोग उसे सिक्के देते, कुछ बीस पेसो के नोट, और कुछ सिर्फ मुस्कान।
डिएगो के लिए वही बहुत था।
“डॉन हासिंतो ने मेरी जान बचाई,” डिएगो ने कहा। “वह मुझे जानते भी नहीं थे, पापा। उनका मुझ पर कोई कर्ज़ नहीं था। फिर भी उन्होंने मेरा ख़याल उन लोगों से ज़्यादा रखा जिनकी रगों में मेरा ही खून बहता है।”
अलेजांद्रो ने सिर झुका लिया।
यह चोट उसे सचमुच लगी।
क्योंकि यह सच था।
उसने सालों होटल, सौदे और ताकत बनाने में बिताए थे, लेकिन अपने बेटे के लिए एक सुरक्षित जगह नहीं बना पाया था।
“और तुम्हें कैसे पता चला कि मार्सेला मुझे लूट रही थी?”
डिएगो ने अपने बैग से एक पुरानी फ़ाइल निकाली।
उसमें बैंक स्टेटमेंट, ट्रांसफ़र की कॉपियाँ, नकली बिल और नोटरी दस्तावेज़ थे।
“डॉन हासिंतो का एक भतीजा ओआक्साका में अकाउंटेंट है। हमने उसे पूरी कहानी बताई और उसने कुछ कंपनियों के नामों की जाँच शुरू की। उनमें से बहुत-सी मार्सेला से जुड़ी हुई थीं।”
अलेजांद्रो ने दस्तावेज़ देखे।
ग्वादालाहारा की शेल कंपनियाँ।
पनामा के खातों में ट्रांसफ़र।
ऐसी संपत्तियाँ जो उन महीनों में बेची गई थीं जब वह दवाओं के असर में था।
और एक आवेदन जिसमें उसे ‘लंबे समय के शोक के कारण अपनी संपत्ति का प्रबंधन करने में अक्षम’ घोषित करने की माँग की गई थी।
अलेजांद्रो को मतली आने लगी।
“वह मुझसे सब कुछ छीनना चाहती थी।”
डिएगो ने धीरे से सिर हिलाया।
“सिर्फ इतना नहीं। वह तुम्हें मेरिदा ले जाना चाहती थी, एक निजी घर में अलग-थलग रखना चाहती थी और रिवास समूह का पूरा नियंत्रण उसके नाम करने पर हस्ताक्षर करवाना चाहती थी।”
अलेजांद्रो स्तब्ध रह गया।
वही औरत जो उसे चाय बनाकर देती थी।
जो उसके रोने पर उसे गले लगाती थी।
जो कहती थी कि वह उसका ख़याल रख रही है।
वह उसे भी ज़िंदा दफ़ना रही थी।
उस रात अलेजांद्रो सीधे अपने अपार्टमेंट नहीं लौटा।
उसने अपने भाई सामुएल को फोन किया, जिससे वह लगभग एक साल से बात नहीं कर रहा था क्योंकि मार्सेला हमेशा कहती थी कि सामुएल सिर्फ पैसों के पीछे है।
वे नारवार्ते की एक साधारण टैको दुकान में मिले।
सामुएल पुरानी जैकेट पहने हुए था और उसके चेहरे पर थकान थी।
“तो अब उन्होंने तुम्हें मुझे फोन करने की अनुमति दे दी?” उसने आधे दुख, आधे व्यंग्य से कहा।
इस बार अलेजांद्रो ने अहंकार नहीं दिखाया। वह दिखा भी नहीं सकता था।
उसने डिएगो की एक तस्वीर मेज़ पर रख दी।
सामुएल ने उसे देखा।
फिर अपने भाई को देखा।
“हे भगवान…”
“वह ज़िंदा है।”
सामुएल ने अपना मुँह ढक लिया। उसकी आँखें भर आईं।
“मैं हमेशा कहता था कि कुछ तो गड़बड़ है। उन्होंने हमें कभी शव नहीं दिखाया। मार्सेला ने सारे पुराने कर्मचारियों को निकाल दिया। यहाँ तक कि डिएगो की नैनी तेरेसा को भी निकाल दिया क्योंकि वह बहुत सवाल पूछती थी।”
अलेजांद्रो के सीने में फिर दर्द उठा।
“मुझे मदद चाहिए।”
सामुएल ने एक पल भी नहीं सोचा।
“तुम्हें मिलेगी। लेकिन अगर उस औरत ने यह सब किया है, तो तुम अकेले उसका सामना नहीं कर सकते। उसे बोलने दो, उसे भरोसा करने दो कि सब उसके नियंत्रण में है, और फिर वकील, नोटरी और अभियोजन विभाग को शामिल करो।”
अगले तीन दिनों तक अलेजांद्रो ने उसी टूटे हुए आदमी का अभिनय किया।
वह गोलियाँ लेता, लेकिन निगलता नहीं था।
उसने मेरिदा जाने की बात मान ली।
उसने कुछ दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर करने का नाटक किया, लेकिन पहले अपने वकील से हर कागज़ की जाँच करवाई।
मार्सेला मुस्कुराती रही, यह सोचकर कि नियंत्रण अब भी उसके हाथ में है।
गुरुवार की शाम अलेजांद्रो ने उसे सैन एंजेल वाले पुराने घर में बुलाया, वही घर जिसे उसने आठ महीने पहले गुप्त रूप से बेच दिया था।
मार्सेला बेज रंग की ड्रेस, धूप का चश्मा और काली फ़ाइल लेकर पहुँची।
“जान, यहाँ क्यों? यह जगह तुम्हें तकलीफ़ देती है।”
अलेजांद्रो ने बिना पलक झपकाए उसकी ओर देखा।
“नहीं। मुझे तकलीफ़ इस बात ने दी कि मुझे पता ही नहीं था कि मेरे दर्द की चाबी किसके पास थी।”
मार्सेला का चेहरा सख्त हो गया।
“तुम क्या कह रहे हो?”
तभी रसोई से सामुएल, एक वकील, अभियोजन विभाग के दो अधिकारी और एक महिला नोटरी बाहर आए।
मार्सेला का रंग उड़ गया।
“अलेजांद्रो, यह बेवकूफ़ी भरा तमाशा मत करो।”
“तमाशा उस दिन शुरू हुआ था जब तुमने मेरे बेटे को बिना शव के दफ़ना दिया।”
उसके हाथ से फ़ाइल गिर गई।
दो सेकंड तक मार्सेला कुछ नहीं बोली।
फिर वह मुस्कुराई, लेकिन अब उसमें कोमलता नहीं थी। सिर्फ़ गुस्सा था।
“तुमने उसे उस रात से पहले ही खो दिया था। तुमने खुद उसे घर से निकाला था।”
अलेजांद्रो ने होंठ भींच लिए।
“हाँ। मैं एक पिता के रूप में असफल हुआ। लेकिन तुमने मेरे अपराधबोध को कारोबार बना लिया।”
मार्सेला ने गहरी साँस ली।
“मैंने तुम्हारा साथ दिया जब सब तुम्हें छोड़ गए थे।”
सामुएल फट पड़ा।
“तुमने उसका साथ नहीं दिया, मार्सेला! तुमने उसे नशे में रखा, उससे चोरी की और उसके बेटे को उससे छिपाया!”
तभी गलियारे में बैसाखियों की आवाज़ सुनाई दी।
मार्सेला ने सिर घुमाया।
डिएगो दरवाज़े पर खड़ा था—दुबला, लेकिन दृढ़, और उसकी आँखों में दर्द भरा हुआ था।
“हैलो, मार्सेला।”
मार्सेला एक कदम पीछे हट गई जैसे उसने भूत देख लिया हो।
“नहीं… तुम नहीं…”
“हाँ। मैं अभी भी ज़िंदा हूँ।”
मार्सेला ने खुद को संभालने की कोशिश की।
“डिएगो, मैंने वही किया जो ज़रूरी था। तुम्हारे पापा तुम्हें बर्बाद कर रहे थे। मैं सिर्फ़ और दर्द रोकना चाहती थी।”
डिएगो कड़वी हँसी हँसा।
“सच में? इसलिए तुमने मुझे क्लिनिक में बंद कर दिया? इसलिए तुमने नकली पत्र बनाया? इसलिए तुमने मेरे पापा से कहा कि मेरा शव नहीं देखा जा सकता?”
नोटरी ने फ़ाइल की एक कॉपी उठाई।
नर्स लुपिता गवाही दे चुकी थी।
क्लिनिक के डॉक्टर ने भी समन मिलने के बाद बयान दिया था।
और डॉन हासिंतो ने वे मूल दस्तावेज़ सौंप दिए थे जिन्हें डिएगो महीनों से संभालकर रखे हुए था।
अब सच कोई अफवाह नहीं था।
वह एक दीवार था जो मार्सेला पर टूटकर गिर रही थी।
अधिकारियों ने उसे धोखाधड़ी, दस्तावेज़ जालसाज़ी, अवैध हिरासत और आपराधिक वित्तीय प्रबंधन के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
जाते-जाते उसने अलेजांद्रो की ओर देखा, उसकी आँखों में गुस्से के आँसू थे।
“मैंने तुमसे सबसे ज़्यादा प्यार किया।”
अलेजांद्रो ने धीमी आवाज़ में जवाब दिया।
“नहीं, मार्सेला। तुमने प्यार नहीं किया। तुमने सिर्फ़ अधिकार जमाना चाहा।”
उस एक वाक्य ने उसकी सारी दलीलें खत्म कर दीं।
जब दरवाज़ा बंद हुआ, अलेजांद्रो डिएगो के सामने खड़ा रह गया।
कोई संगीत नहीं था।
कोई फ़िल्मी आलिंगन नहीं।
कोई सुंदर संवाद नहीं।
बस एक पिता था जो अपने बेटे को देख रहा था, जिसे वह अपने अहंकार के कारण लगभग खो चुका था।
“बेटा… मुझे भी तुमसे माफ़ी माँगनी है।”
डिएगो ने बैसाखियाँ ज़मीन पर टिका दीं।
“आपके ठुकराने ने मुझे दुर्घटना से भी ज़्यादा दर्द दिया।”
अलेजांद्रो ने आँखें बंद कर लीं।
उस एक वाक्य ने उसे तोड़ दिया।
“मुझे पता है।”
“लेकिन इससे भी ज़्यादा दर्द इस बात ने दिया कि मुझे लगा आप अब मुझसे प्यार नहीं करते।”
अलेजांद्रो धीरे-धीरे आगे बढ़ा।
“मैंने कभी तुमसे प्यार करना बंद नहीं किया। मैं बस इतना मूर्ख था कि तुम्हें यह दिखा नहीं पाया।”
डिएगो चुपचाप रो पड़ा।
और इस बार उसने अपने पिता को गले लगाया।
कुछ महीनों बाद अलेजांद्रो ने अपनी कई संपत्तियाँ वापस हासिल कर लीं और हड़पे गए खातों को फ्रीज़ करवा दिया। मार्सेला पर मुकदमा चला। क्लिनिक का लाइसेंस रद्द कर दिया गया। डॉक्टर की जाँच शुरू हुई। लुपिता को गवाह सुरक्षा प्रदान की गई।
डॉन हासिंतो ने बदले में कुछ नहीं माँगा।
फिर भी अलेजांद्रो डिएगो के साथ ओआक्साका गया ताकि उसका धन्यवाद कर सके।
बूढ़ा मैकेनिक अपनी वर्कशॉप के बाहर बैठा कॉफी पी रहा था जब उसने एक साधारण वाहन से उस उद्योगपति को उतरते देखा।
“वाह,” उसने कहा। “आख़िरकार लड़का अपने पापा को साथ ले ही आया।”
अलेजांद्रो ने नम आँखों से उसका हाथ थाम लिया।
“मेरे बेटे का ख़याल रखने के लिए धन्यवाद, जब मैं खुद ऐसा नहीं कर पाया।”
डॉन हासिंतो ने कंधे उचकाए।
“किसी न किसी को तो करना ही था, साहब।”
उस शाम डिएगो ने उसी छोटे भोजनालय के सामने गिटार बजाया जहाँ से उसने नई शुरुआत की थी।
न कोई बड़ा मंच था।
न प्रेस।
न चमकती रोशनियाँ।
बस पड़ोसी थे, दौड़ते बच्चे थे, गर्म टॉर्टिला की खुशबू थी और एक पिता था जो पहली बार बिना निर्णय किए सुन रहा था।
जब डिएगो ने बजाना खत्म किया, अलेजांद्रो खड़े होकर ताली बजाने लगा।
एक करोड़पति की तरह नहीं।
किसी मालिक की तरह नहीं।
एक पिता की तरह।
क्योंकि कभी-कभी परिवार दुर्घटना वाले दिन नहीं खोता।
कभी-कभी वह हर चीख़ में, हर “बाद में बात करेंगे” में, हर उस आलिंगन में खोना शुरू हो जाता है जिसे कल के लिए टाल दिया जाता है।
और हालाँकि पैसा घर, वकील और ख़ामोशियाँ खरीद सकता है, वह उन दो वर्षों को कभी नहीं खरीद सकता जो अलेजांद्रो ने एक खाली कब्र के सामने रोते हुए बिताए।
इसलिए, जब कोई अभी भी ज़िंदा हो और “मुझे माफ़ कर दो” सुन सके, तो शायद अंतिम संस्कार का इंतज़ार नहीं करना चाहिए।
Disclaimer : This content may be created by AI for entertainment purposes. Any resemblance to real persons, events, or places is coincidental.