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मेरे भर्ती अधिकारी को मैं सिर्फ़ एक ऐसी पत्नी लगी जो वर्दी पहनकर दिखावा कर रही थी, न कि वह जनरल जिसके पास एक गायब कर दी गई शिकायत के सबूत मौजूद थे। मेरे भर्ती अधिकारी ने मेरी सिल्वर स्टार फ़ाइल का मज़ाक उड़ाया, जबकि वहाँ मौजूद किशोर आवेदकों ने अपनी आँखों से देखा कि सम्मान को कितनी आसानी से तमाशा बनाया जा सकता है। मेरे भर्ती अधिकारी ने मुझसे कहा कि मैं अपने पति को साथ लेकर आऊँ, लेकिन एमिली कार्टर की गायब फ़ाइल ही मुझे वहाँ तक खींच लाई थी। उसे लगा कि मेरी ख़ामोशी मेरे भ्रम की निशानी है, यह जाने बिना कि मैं उसके कार्यालय से कहीं अधिक कठिन कमरों से गुज़रकर यहाँ पहुँची थी। मेरे भर्ती अधिकारी का कमांडर रास्ते में था, लेकिन उससे पहले मुझे ज़रूरी था कि हर गवाह यह सुन ले कि मैं अब तक डटी हुई क्यों खड़ी रही…

“मैंने की थी।”

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“उसे चिकित्सकीय समस्या थी।”

“नहीं,” मैंने कहा। “वह कायला मुनरो थी।”

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मैंने हल्का-सा मुड़कर प्रतीक्षालय की ओर देखा।

“जो अभी भी यहीं बैठी है और सोच रही है कि क्या आप उसके साथ भी वही व्यवहार करने वाले हैं।”

कायला का चेहरा पीला पड़ गया।

रेडिंग का जबड़ा कस गया।

ब्रिग्स ने पहले उसकी ओर देखा, फिर वापस उसकी ओर।

“तुम्हें मिस मुनरो की मेडिकल स्थिति ज़ुबानी याद है?”

रेडिंग एक पल के लिए रुक गया।

“सर, मैं सभी आवेदकों की समीक्षा करता हूँ।”

मैंने उसके कंप्यूटर के पास रखे स्टिकी नोट पर उँगली रखी।

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“छह महिला आवेदक। छह नाम। सभी के अंक बहुत अच्छे। सभी को रोका गया। सभी को दूसरी जगह भेजा गया। और हर एक की फ़ाइल में कम से कम एक दस्तावेज़ ‘ग़ायब’ बताया गया।”

रेडिंग ने नोट उठाने के लिए हाथ बढ़ाया।

मैं उससे पहले पहुँच गई।

मेरी उँगलियाँ उस पीले कागज़ पर टिक गईं।

उसका हाथ उससे एक इंच पहले ही रुक गया।

“नहीं,” मैंने कहा।

सिर्फ़ एक शब्द।

वह वहीं ठिठक गया।

ब्रिग्स मेरे पास आकर खड़े हुए और नाम पढ़ने लगे।

“लिली बेनेट। कायला मुनरो। टेसा ग्रांट। ब्रूक एलिसन। माया प्राइस। नैटली डन।”

दरवाज़े के पास बैठी एक माँ के मुँह से धीमी-सी आवाज़ निकली।

“मेरी बेटी नैटली है,” उसने कहा।

सभी की नज़रें उसकी ओर मुड़ गईं।

वह धीरे-धीरे खड़ी हुई, अपना पर्स पेट से लगाए हुए।

उसकी आवाज़ काँप रही थी, लेकिन उसने खुद को संभालते हुए कहा,

“वह यहाँ दो बार आई थी। इस आदमी ने उससे कहा था कि सेना को ऐसी लड़कियों की ज़रूरत नहीं जो अपने पिता के सामने खुद को साबित करना चाहती हों।”

रेडिंग झल्लाकर बोला,

“मैडम, मैंने ऐसा नहीं—”

“बस।”

ब्रिग्स ने कहा।

सिर्फ़ एक शब्द।

कमांड की आवाज़।

पूरा कमरा चुप हो गया।

उस माँ की आँखों में आँसू भर आए, लेकिन वह बोलती रही।

“नैटली कार में बैठकर रोई थी। मेरी बेटी रोती नहीं है। उसने सोलह साल की उम्र में अपने पापा के साथ ट्रांसमिशन खोलकर दोबारा जोड़ा था। मोच आए हुए टखने के बावजूद सॉफ्टबॉल खेली थी। लेकिन वह रोई… क्योंकि इस आदमी ने उसे यह महसूस कराया कि देश की सेवा करने की इच्छा रखना उसे मूर्ख बना देता है।”

रेडिंग का चेहरा लाल हो गया।

“यह बात पूरी तरह ग़लत ढंग से पेश की जा रही है।”

मैं उसकी उँगलियों को देख रही थी।

अब वह कागज़ों की ओर नहीं बढ़ रहा था।

वह उल्टा रखे अपने फ़ोन की ओर बढ़ रहा था।

उसके इरादे पूरे होने से पहले ही मैं आगे बढ़ गई।

मैंने अपना हाथ हल्के से फ़ोन के ऊपर रख दिया।

न कोई नाटक।

न कोई थप्पड़।

बस उस क्षण पर अपना अधिकार।

“आधिकारिक संचार उपकरण?” मैंने पूछा।

रेडिंग मेरी हथेली को घूरता रहा।

“यह मेरी निजी संपत्ति है।”

“तो फिर इसे यहीं छोड़ने में तुम्हें कोई आपत्ति नहीं होगी।”

कर्नल ब्रिग्स ने फ़ोन की ओर देखा।

फिर मेरी ओर।

मैंने बहुत हल्का-सा सिर हिलाया।

उनके चेहरे का भाव बदल गया।

वह समझ गए।

यह सिर्फ़ एक महिला-विरोधी भर्ती अधिकारी का मामला नहीं था।

यह एक पैटर्न था।

और पैटर्न को साबित करने के लिए औज़ार चाहिए।

औज़ार रिकॉर्ड छोड़ते हैं।

रेडिंग ने धीरे-धीरे अपना हाथ पीछे खींच लिया।

“सर, क्या मुझ पर किसी बात का आरोप लगाया जा रहा है?”

ब्रिग्स ने उसकी ओर देखा तक नहीं।

उन्होंने प्रतीक्षालय की ओर मुड़कर कहा,

“सभी लोग कृपया कुछ देर अपनी जगह बैठे रहें। यहाँ कोई भी मुसीबत में नहीं है। जो भी जानकारी लेने या प्रक्रिया पूरी करने आया है, उसका काम आज ही होगा—ऐसे व्यक्ति द्वारा जो इस वर्दी और इसके बारे में पूछने के आपके अधिकार का सम्मान करता हो।”

फिर उन्होंने रेडिंग की ओर देखा।

“डेस्क से हट जाओ।”

रेडिंग तन गया।

“सर?”

“अभी।”

आधे सेकंड के लिए मुझे लगा कि वह मना कर देगा।

तभी दरवाज़ा फिर खुला।

दो सैनिक अंदर आए।

ब्रिग्स मुख्यालय से एक कैप्टन और एक मास्टर सार्जेंट।

दोनों के चेहरे गंभीर थे।

दोनों चुप थे।

रेडिंग डेस्क से हट गया।

कैप्टन कंप्यूटर के पीछे जाकर खड़ा हो गया।

मास्टर सार्जेंट मुख्य दरवाज़े के पास खड़ा हो गया।

रास्ता रोकने के लिए नहीं।

बस यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई घबराहट को आज़ादी न समझ बैठे।

ब्रिग्स ने रेडिंग की ओर देखा।

“जाँच पूरी होने तक तुम्हें भर्ती अधिकारी के कर्तव्यों से मुक्त किया जाता है।”

रेडिंग का मुँह खुला का खुला रह गया।

“सर, आप ऐसे नहीं—”

“मैं कर सकता हूँ।”

“अभी तक कोई जाँच शुरू भी नहीं हुई।”

“अब हो गई है।”

उसकी नज़र सीधे मेरी ओर गई।

और वही था।

नफ़रत।

डर नहीं।

पछतावा नहीं।

सिर्फ़ नफ़रत।

मैंने ऐसी नफ़रत युद्ध सरदारों की आँखों में देखी थी, जब उन्हें एहसास हुआ कि एक महिला ने उनसे आत्मसमर्पण करवाया है।

मैंने उसे उन ठेकेदारों की आँखों में देखा था, जो मेरी हस्ताक्षर को सिर्फ़ औपचारिकता समझते थे, जब तक कि मैंने उनकी पूरी धोखाधड़ी की श्रृंखला बंद नहीं कर दी।

मैंने उसे उन अधिकारियों में देखा था, जो बैठकों में मुझे “एबी” कहकर बुलाते थे, जब तक कि मैंने कांग्रेस के सामने उन्हें उनके पहले नाम से नहीं पुकारा।

रेडिंग मुझसे इसलिए नफ़रत करता था क्योंकि मैंने उसे शोर मचाकर नहीं हराया था।

मैंने बस उसे खुद अपना असली चेहरा दिखाने दिया।

“यह सब पहले से तय किया गया था,” उसने कहा।

मैंने अपना फ़ोल्डर बंद कर दिया।

“नहीं, सार्जेंट। पहले से तय जाल में निर्दोष व्यक्ति को कोई मौका नहीं मिलता। मैंने तुम्हें कई मौके दिए थे।”

“तुम अपनी पहचान छिपाकर आई थीं।”

“मैं एक नागरिक बनकर आई थी।”

“तुमने मुझे फँसाया।”

“तुमने खुलकर बात की।”

वह एक बार हँसा।

तीखी।

बदसूरत हँसी।

“तुम लोग हमेशा यही करते हो।”

ब्रिग्स की आँखें सिकुड़ गईं।

“तुम लोग?”

रेडिंग को बहुत देर से एहसास हुआ।

प्रतीक्षालय ने वह सुन लिया था।

उस माँ ने सुन लिया था।

कायला ने सुन लिया था।

कंप्यूटर पर बैठे कैप्टन ने सुन लिया था।

मैंने सुन लिया था।

उसने निगलते हुए कहा,

“वकील…”

उसकी आवाज़ कमज़ोर पड़ गई।

किसी ने उस पर विश्वास नहीं किया।

तभी डेस्क के पीछे बैठे कैप्टन ने कहा,

“सर।”

ब्रिग्स मुड़े।

“क्या बात है?”

कैप्टन की नज़र स्क्रीन पर ही टिकी रही।

“सर, आपको यह देखना होगा।”

रेडिंग एक कदम आगे बढ़ा।

मास्टर सार्जेंट की आवाज़ पूरे कमरे में गूँज उठी।

“सार्जेंट। जहाँ हो, वहीं रुको।”

रेडिंग रुक गया।

कैप्टन एरिन शॉ ने दो बार क्लिक किया।

फिर उनके चेहरे का रंग ऐसे बदल गया कि मुझे अच्छा नहीं लगा।

मैं शॉ को चार साल से जानती थी।

उन्होंने तूफ़ानी निकासी अभियान के दौरान हताहतों की लॉजिस्टिक्स पर ब्रीफ़िंग दी थी, जबकि बारिश का पानी छत से टपककर उनके लैपटॉप पर गिर रहा था।

वह आसानी से नहीं डरती थीं।

लेकिन इस समय वह बीमार-सी लग रही थीं।

“सर,” उन्होंने कहा, “यहाँ एक लोकल फ़ोल्डर है। साझा ड्राइव पर नहीं।”

ब्रिग्स आगे बढ़े।

मैं वहीं खड़ी रही।

कभी-कभी किसी कमांडर को सच पहले खुद देखना चाहिए, इससे पहले कि किसी जनरल की मौजूदगी उसकी प्रतिक्रिया को प्रभावित करे।

शॉ ने एक फ़ाइल खोली।

फिर दूसरी।

फिर तीसरी।

फ़्लोरोसेंट लाइटों की भनभनाहट अचानक और तेज़ सुनाई देने लगी।

रेडिंग की साँसें बदल गईं।

हल्की साँस भीतर।

रोकना।

नियंत्रित साँस बाहर।

यह घबराहट नहीं थी।

यह नियंत्रण था।

लोग शर्मिंदगी पर घबराते हैं।

अपराध पर खुद को संभालते हैं।

ब्रिग्स पूरे दस सेकंड तक स्क्रीन को देखते रहे।

फिर धीरे-धीरे रेडिंग की ओर मुड़े।

“लिबर्टी लेजर क्या है?”

रेडिंग का चेहरा बिल्कुल खाली हो गया।

न लालिमा।

न कोई झटका।

न गुस्सा।

कुछ भी नहीं।

वही उसका असली चेहरा था।

प्रतीक्षालय में बैठे लोग इन शब्दों का मतलब नहीं समझ पाए।

मैं भी नहीं।

अभी तक नहीं।

लेकिन मैं ब्रिग्स की आवाज़ का अर्थ समझ गई थी।

लिबर्टी लेजर कोई फ़ाइल नहीं थी।

वह एक दरवाज़ा था।

और हमने अभी-अभी उसे खोल दिया था।

रेडिंग ने कहा,

“मुझे वकील चाहिए।”

ब्रिग्स की आवाज़ सपाट थी।

“तुम्हें मिलेगा।”

Disclaimer : This content may be created by AI for entertainment purposes. Any resemblance to real persons, events, or places is coincidental.