
अच्छे अधिकारी तब अनावश्यक हरकत नहीं करते जब सच्चाई पहले से ही उनके सामने हो।
उन्होंने ज़मीन पर पड़े केलेब को देखा।
चार आदमी हाथ ऊपर किए हुए।
वैन का टूटा हुआ साइड मिरर।
दस फ़ीट दूर पड़ी एक पिस्तौल।
और मैं कहीं दिखाई नहीं दे रही थी।
शेरिफ ब्रिग्स ने पेट्रोल पंप के स्पीकर की ओर देखा।
“रेचल?”
“शेरिफ।”
“तुम ठीक हो?”
“मैं इसके लिए वह शब्द इस्तेमाल नहीं करूँगी।”
उन्होंने एक बार सिर हिलाया, जैसे उन्हें इससे ज़्यादा बातचीत की उम्मीद नहीं थी।
फिर उनकी नज़र इवान पर गई।
“इवान वॉस। आज सुबह मेरे दफ़्तर में तुम्हारे नाम का फ़ेडरल बुलेटिन आया था।”
इवान की मुस्कान फीकी पड़ गई।
“अच्छा?”
“हाँ, बिल्कुल।”
डिप्टी क्रूज़ केलेब के पास घुटनों के बल बैठ गई।
“अरे, केलेब। होश में रहो।”
केलेब मुस्कुराने की कोशिश करने लगा।
“अब सोच रहा हूँ कि फुल-सर्विस गैस के लिए ज़्यादा पैसे लेने चाहिए।”
उसने उसका हाथ देखा और चेहरा सिकोड़ लिया।
“जब तुम्हारी उँगलियाँ अलग-अलग दिशाओं में मुड़ी हों, तब मुझसे फ़्लर्ट मत करो।”
“ठीक बात है।”
ट्रूपरों ने रेड कैप और ग्रे शर्ट वाले आदमी को हथकड़ी लगा दी।
रोड वेस्ट पहने आदमी काँपने लगा।
इवान बिल्कुल स्थिर खड़ा रहा।
मैं उसकी दाहिने हाथ के अंगूठे को जाँघ पर थपथपाते देख रही थी।
तीन बार।
रुकना।
दो बार।
रुकना।
फिर तीन बार।
मेरा ख़ून ठंडा पड़ गया।
“शेरिफ,” मैंने स्पीकर से कहा। “वैन में जैमर है।”
ब्रिग्स तुरंत मुड़े।
इवान हरकत में आ गया।
केलेब की ओर नहीं।
किसी हथियार की ओर नहीं।
वैन की ओर।
अंदर से स्लाइडिंग दरवाज़ा झटके से खुला।
पाँचवाँ आदमी एक काला ब्रीफ़केस पकड़े बाहर लुढ़कता हुआ निकला।
सब कुछ एक साथ हुआ।
डिप्टी क्रूज़ ने केलेब को ज़ोर से नीचे धकेल दिया।
ट्रूपर विल्स चिल्लाया।
पाँचवें आदमी ने ब्रीफ़केस सबसे नज़दीकी पुलिस क्रूज़र के नीचे फेंक दिया।
उसके किनारे पर लगी छोटी हरी बत्ती टिमटिमाने लगी।
मैंने एक गोली चलाई।
पाँचवाँ आदमी कंधा पकड़ते हुए सड़क पर गिर पड़ा।
काला ब्रीफ़केस फिसलता हुआ पेट्रोल पंप के द्वीप से टकराया और खुल गया।
उसके अंदर बम नहीं था।
उससे भी बदतर चीज़ थी।
एक सैटेलाइट अपलिंक।
एक कैमरा रिले।
एक लाइव फ़ीड।
छोटी स्क्रीन पर केलेब ने अपना ही घायल चेहरा देखा।
फिर तस्वीर बदल गई।
एक अँधेरा कमरा।
एक कुर्सी।
एक महिला जिसकी कलाइयाँ बँधी हुई थीं।
सफ़ेद बाल।
नीला कार्डिगन।
मेरी माँ।
केलेब फुसफुसाया,
“माँ…”
स्पीकर से मेरी आवाज़ गायब हो गई।
उसके फ़ोन करने के बाद पहली बार…
मैंने कुछ नहीं कहा।
इवान ने मेस्कीट के पेड़ों की ओर देखा और ऐसे मुस्कुराया जैसे उसे आख़िरकार सबसे कमज़ोर नस मिल गई हो।
“लो, वह रही,” उसने कहा।
डिप्टी क्रूज़ ने उसका कॉलर पकड़कर उसे वैन से दे मारा।
“वह कहाँ है?”
इवान हल्के से हँसा।
“अमेरिका के सबसे ख़तरनाक भूत से पूछो। उसे हमेशा पता होता है कहाँ देखना है।”
मॉनिटर झिलमिलाया।
एक विकृत पुरुष आवाज़ छोटे स्पीकर से सुनाई दी।
“सार्जेंट हार्ट। तुम्हारे पास अठारह मिनट हैं।”
शेरिफ ब्रिग्स का चेहरा सख़्त हो गया।
“कोई क़ानून प्रवर्तन नहीं,” वह आवाज़ फिर बोली। “कोई ड्रोन नहीं। कोई हेलीकॉप्टर नहीं। कोई वार्ताकार नहीं। इवान वॉस को पुराने पर्मियन रेल डिपो पर लेकर आओ, वरना तुम्हारी माँ कैमरे पर मारी जाएगी।”
इवान ने पंप के स्पीकर की ओर देखा।
“परिवार बड़ी बदसूरत चीज़ है, है ना रेचल?”
फ़ीड काली हो गई।
दो सेकंड तक कोई नहीं हिला।
फिर मैं छत की सीढ़ी से नीचे कूदी और दफ़्तर के पीछे उतरी।
पार्किंग में मौजूद हर अधिकारी चुप हो गया।
मैं सबसे पहले केलेब के पास गई।
पास से उसकी हालत और भी ख़राब लग रही थी।
उसने मेरे भीतर कुछ ऐसा छू लिया जिसे मैं किसी को दिखा नहीं सकती थी।
मैं घुटनों के बल बैठी और हल्के से एक बार उसके गाल को छुआ।
बस एक वादा।
“मुझे माफ़ करना,” मैंने कहा।
वह कुछ बोलने की कोशिश करने लगा।
मैंने सिर हिलाया।
“बचाकर रखो।”
“माँ…”
“मुझे पता है।”
“वह बहुत बुरी लग रही थीं।”
“मुझे पता है।”
“रेचल—”
“मैंने कहा ना, मुझे पता है।”
आख़िरी शब्द पर मेरी आवाज़ टूट गई।
सिर्फ़ केलेब ने सुना।
शायद डिप्टी क्रूज़ ने भी, क्योंकि उसने नज़रें फेर लीं।
मैं उठी और शेरिफ ब्रिग्स की ओर मुड़ी।
“मुझे आपकी चाबियाँ चाहिए।”
“रेचल…”
“चाबियाँ।”
“तुमने उनकी बात सुनी। कोई क़ानून प्रवर्तन नहीं।”
“मैंने एक कैमरा लेकर धमकी देने वाले अपहरणकर्ता की बात सुनी।”
“तुम अकेली नहीं जाओगी।”
मैंने उनकी ओर देखा।
बिना अनादर के।
बिना गुस्से के।
बस उस शांति के साथ, जिसमें कोई पहले ही कीमत नाप चुका हो।
“नोलन, जब माँ की कमर टूट गई थी तब तुम लज़ान्या लेकर आए थे। तुम पापा के अंतिम संस्कार में भी आए थे। इसलिए मैं यह बात सिर्फ़ एक बार परिवार की तरह कह रही हूँ। अगर तुम किसी सरकारी गाड़ी में मेरे पीछे आए, तो वह मर जाएँगी।”
उनका जबड़ा भींच गया।
“मैं तुम्हें उसे सौंपने नहीं दे सकता।”
मैंने इवान की ओर देखा।
“मैं उसे सौंपने नहीं जा रही।”
फिर मैंने रोड वेस्ट पहने आदमी की जेब में हाथ डाला और एक मुड़ा हुआ नक्शा निकाल लिया।
सब मुझे घूरने लगे।
वह आदमी पलकें झपकाने लगा।
“तुमने… कैसे…?”
“तुम बार-बार इसे छू रहे थे।”
मैंने नक्शा खोल दिया।
हाथ से बनाई गई सड़कें।
पुरानी रेल लाइन की शाखा।
एक पानी की टंकी।
तीन ‘X’ के निशान।
मैंने उसे चार सेकंड तक देखा।
“डिपो सिर्फ़ चारा है।”
ब्रिग्स ने भौंहें सिकोड़ लीं।
“तुम्हें कैसे पता?”
मैंने पुराने रेल मार्ग के उत्तर में बने तीसरे ‘X’ पर उँगली रखी, सूखी नदी की धारा के पास, उस ज़मीन पर जहाँ सिर्फ़ शिकारी या शराब की कूलर लेकर घूमने वाले लड़के जाते थे।
“वे चाहते हैं कि मेरी नज़र आगे रहे,” मैंने कहा। “मतलब माँ पीछे हैं।”
इवान की आँखें बदल गईं।
बस एक झलक।
लेकिन मैंने देख लिया।
केलेब ने भी।
पहली सच्चाई अपनी जगह बैठ गई।
डिप्टी क्रूज़ ने मेरी ओर देखा।
“तुम्हें क्या चाहिए?”
“केलेब को ओडेसा रीजनल अस्पताल ले जाओ। उसे बहस मत करने देना।”
केलेब ने बहस शुरू करने की कोशिश की।
मैंने उसकी ओर देखा।
“मत।”
उसने मुँह बंद कर लिया।
ब्रिग्स ने अपनी बिना निशान वाली ताहो की चाबियाँ मेरी ओर उछाल दीं।
इवान हँस पड़ा।
“तुम्हें सच में लगता है कि अठारह मिनट में यह सब हल कर लोगी?”
मैं उसकी ओर बढ़ी।
सूरज की रोशनी मेरे बाएँ जबड़े पर बने उस पतले फीके निशान पर पड़ी, जिसके बारे में केलेब ने कभी नहीं पूछा था।
“नहीं,” मैंने कहा। “मैंने इसे तीन मिनट पहले ही हल कर लिया था।”
फिर मैंने उसे मारा।
बेतहाशा नहीं।
भावुक होकर नहीं।
उसकी पसलियों के नीचे नस पर एक छोटा, सटीक वार।
वह ऐसे दोहरा हो गया जैसे किसी टायर से हवा निकल गई हो।
ज़मीन पर गिरने से पहले मैंने उसकी कॉलर पकड़ ली और उसे घसीटते हुए ताहो तक ले गई।
शेरिफ ब्रिग्स गरजे,
“रेचल!”
“यह मेरे साथ आ रहा है,” मैंने कहा।
दर्द से कराहते हुए इवान बोला,
“तुम नियम तोड़ रही हो।”
मैंने उसे पीछे वाली सीट पर धक्का देकर बैठा दिया।
“नहीं,” मैंने कहा। “मैं सिर्फ़ बोर्ड को ठीक कर रही हूँ।”
फिर मैं पश्चिम की ओर निकल गई।
मेरे पीछे उठती धूल धुएँ जैसी दिखाई दे रही थी।
बिना निशान वाली ताहो तिरानवे मील प्रति घंटे की रफ़्तार से सड़क निगल रही थी।
मैं एक हाथ से गाड़ी चला रही थी।
पीछे की सीट पर हथकड़ी लगा इवान दर्द से कराह रहा था और दरवाज़े का सहारा लिए बैठा था। मैंने उसके मुँह पर टेप इसलिए नहीं लगाया था कि मुझे उसके शब्दों से डर था।
बल्कि इसलिए कि मुझे ख़ामोशी चाहिए थी।
ख़ामोशी साफ़ होती है।
ख़ामोशी छोटी-छोटी आवाज़ों को आकार देती है।
डैशबोर्ड के नीचे की खड़खड़ाहट।
पहियों के भीतर बजरी के टकराने की आवाज़।
इवान के बाएँ बूट की एड़ी से आती हल्की भनभनाहट।
ट्रैकर।
मैंने अपना फोल्डिंग चाकू पीछे फेंक दिया।
“एड़ी काटकर खोलो।”
वह मुझे घूरता रहा।
“या फिर मैं पूरा बूट तुम्हारे पैर समेत काट दूँगी।”
उसने काट दिया।
एक छोटी काली डिस्क बाहर लुढ़क आई।
मैंने ब्रेक लगाया, उसे उठाया, खिड़की नीचे की और पूर्व दिशा में जा रहे एक मवेशी ढोने वाले ट्रक के पीछे फेंक दिया।
एक ज़ंजीर टूट गई।
इवान धीरे-धीरे मेरी ओर देखने लगा।
मैंने उसके मुँह से टेप हटा दिया।
“तुम अब भी अच्छी हो,” उसने कहा।
“और तुम अब भी बोल रहे हो।”
“मेरे भाई ने कहा था कि तुम बहुत शांत रहती हो।”
“तुम्हारे भाई ने पैसों के लिए झूठ बोला था।”
“उससे एक ग़लती हो गई।”
मेरा जबड़ा कस गया।
“ग़लती किसी का जन्मदिन भूल जाना होती है।”
वह पीछे टिक गया।
“तुम यह तय नहीं कर सकती कि किसे मरना चाहिए।”
“नहीं,” मैंने कहा। “लेकिन मुझे आदेश मिले थे।”
“और तुम हमेशा आदेशों का पालन करती थीं?”
लो, आ गया।
वह छोटा-सा काँटा।
इवान जैसे लोग सोचते थे कि अपराधबोध एक दरवाज़ा है और हर औरत अपनी कमर पर उसकी चाबी लेकर चलती है।
मैंने वह काँटा निगला नहीं।
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