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मेरी पत्नी मुझे हमारी छह बेटियों के साथ छोड़कर अपने करोड़पति बॉस के साथ चली गई। पंद्रह साल बाद, वह हमारी सबसे बड़ी बेटी की शादी में ऐसे आ पहुँची जैसे कुछ हुआ ही न हो… लेकिन मेरी बेटी ने सबके सामने जो किया, उसने उसे पूरी तरह निरुत्तर कर दिया।

भाग 2:

पूरा हॉल एकदम शांत हो गया।

रोबर्टो को ऐसा लगा जैसे पंद्रह वर्षों का बोझ उसके गले में अटक गया हो, लेकिन उसने कुछ नहीं कहा।

पाओला, जो स्मृति-टेबल के पास खड़ी थी, उसने अपना गिलास इतनी कसकर पकड़ रखा था कि जिमेना को वह उसके हाथ से निकालना पड़ा।

सोलह वर्षीय कैमिला, लूसिया के पीछे छिप गई।

—क्या मुझे उनसे जाकर मिलना चाहिए? —उसने धीरे से पूछा।

रोबर्टो उसकी ओर झुका।

—नहीं। सिर्फ़ इसलिए कि किसी का तुम्हारे साथ खून का रिश्ता है, इसका मतलब यह नहीं कि उसे तुम्हें गले लगाने का अधिकार मिल जाता है।

कैमिला ने सिर झुका लिया।

लेकिन उसकी नज़रें मारियाना से हट नहीं रही थीं।

आद्रियाना ने अपनी माँ का स्वागत शिष्ट लेकिन ठंडी मुस्कान से किया, जो साफ़ काँच जितनी ठंडी थी।

—अच्छा लगा कि आप आईं।

मारियाना ने उसके गाल को छुआ।

—जिस दिन तुम पैदा हुई थीं, उसी दिन से मैं इस पल का सपना देख रही थी।

रोबर्टो ने देखा कि आद्रियाना ने धीरे से पलक झपकाई।

वह उस इशारे को अच्छी तरह पहचानता था।

वह कुछ छिपा रही थी।

हेक्टर मेहमानों का स्वागत ऐसे कर रहा था मानो पूरा स्थान उसी का हो।

उसके साथ उसकी पहली शादी से हुए दो बड़े बच्चे और उसकी सख्त स्वभाव वाली बहन भी थीं।

सभी लोग रोबर्टो को जिज्ञासा और निर्णय भरी नज़रों से देख रहे थे।

मारियाना पूरी तैयारी करके आई थी।

समारोह के दौरान रोबर्टो ने आद्रियाना का हाथ पकड़कर उसे आगे बढ़ाया।

जब वे दूल्हे डिएगो के सामने पहुँचे, तो विवाह अधिकारी ने पूछा,

—दुल्हन को यहाँ कौन लेकर आया है?

रोबर्टो ने बोलने के लिए मुँह खोला।

लेकिन आद्रियाना उससे पहले बोल पड़ी।

—जिस व्यक्ति ने मेरा पालन-पोषण किया… वही आज मेरे साथ खड़ा है।

उसने “मेरे पिता” नहीं कहा।

उसने “मेरे माता-पिता” भी नहीं कहा।

उसने सिर्फ़ इतना कहा।

स्पष्ट।

दृढ़।

बगीचे में एक हलचल-सी दौड़ गई।

मारियाना की मुस्कान गायब हो गई।

कुछ समय तक विवाह समारोह बहुत सुंदर ढंग से चलता रहा।

डिएगो उसे देखकर रो पड़ा।

तीनों छोटी बहनें भी उसके साथ रोने लगीं।

पाओला ने रोने से इंकार करने का नाटक किया, जबकि वह चुपके से टिश्यू से अपनी आँखें पोंछ रही थी।

रोबर्टो ने आद्रियाना के साथ एक पुराना गीत बजने पर नृत्य किया—

वही गीत जिसे वह रसोई में बजाया करता था, जब वह सूप बनाते हुए उसे पहाड़े सिखाता था और एक साथ छह लड़कियों की परवरिश कर रहा था।

एक पल के लिए…

उसे सचमुच लगा कि शायद शांति संभव है।

लेकिन मारियाना शांति के लिए वहाँ नहीं आई थी।

भोजन के दौरान…

हेक्टर के परिवार ने उसे सवालों से घेर लिया।

—तो आपने इतनी सारी लड़कियों की परवरिश कैसे की? —नीली पोशाक पहने एक महिला ने पूछा।

मारियाना ने चारों ओर ऐसे देखा जैसे कोई अभिनेत्री मंच पर प्रवेश कर रही हो।

—बहुत मुश्किल था।

—खासकर तब… जब कोई आपसे यह अवसर छीन ले।

रोबर्टो ने अपना काँटा प्लेट पर रख दिया।

हेक्टर ने गहरी साँस ली।

—मारियाना ने बहुत कुछ सहा है। रोबर्टो ने उसे वर्षों तक सज़ा दी। उसने उसे उसकी बेटियों से अलग कर दिया।

पाओला तुरंत खड़ी हो गई।

—आपने क्या कहा?

रोबर्टो ने हाथ उठाया।

—पाओला… नहीं।

लेकिन अब मारियाना को अपना दर्शक मिल चुका था।

—बेटी…

—मैं तुम्हें दोष नहीं देती कि तुमने जो सुना उसी पर विश्वास किया।

—तुम तब बहुत छोटी थीं।

—तुम्हारे पिता ने तुम्हें अपने लिए बहुत सुविधाजनक कहानी सुनाई।

लूसिया कड़वाहट से हँस पड़ी।

—सुविधाजनक?

—कैमिला तो यह तक नहीं जानती कि आपकी आवाज़ कैसी सुनाई देती है।

मारियाना ने अपना हाथ सीने पर रख लिया।

—क्योंकि मुझे उसे कभी फ़ोन करने ही नहीं दिया गया।

कैमिला का चेहरा सफेद पड़ गया।

मुख्य मेज़ से आद्रियाना ने रोबर्टो की ओर देखा।

उसने सिर्फ़ हल्के से सिर हिलाया।

वह यह सब नहीं चाहता था।

कम से कम अपनी बेटी की शादी में तो बिल्कुल नहीं।

लेकिन मारियाना ने रूमाल निकाला और ऐसा दिखाया मानो वह उस आँसू को पोंछ रही हो जो अभी गिरा भी नहीं था।

—एक माँ कभी अपने बच्चों से प्यार करना बंद नहीं करती।

—कभी-कभी उसे उनसे अलग कर दिया जाता है।

—कभी उसके लिए दरवाज़े बंद कर दिए जाते हैं।

—और कभी उसे खलनायक बना दिया जाता है ताकि दूसरे लोग संत दिखाई दें।

कई मेहमान अब रोबर्टो की ओर देखने लगे।

वह उन निगाहों का भार महसूस कर सकता था।

वही निगाहें…

जो उसने स्कूल की बैठकों में झेली थीं, जब लोग उसकी माँ के बारे में पूछते थे।

वही निगाहें…

जब उसे अकेले छह-छह फ़ॉर्म पर हस्ताक्षर करने पड़ते थे।

फिर मारियाना ने वह काम किया…

जिसे माफ़ करना असंभव था।

वह खड़ी हुई और माइक्रोफ़ोन माँग लिया।

—मुझे माफ़ कीजिए…

—मेरा इरादा किसी को परेशान करने का नहीं था…

—लेकिन एक माँ को अपनी बेटी की शादी में कुछ तो कहना ही चाहिए।

आद्रियाना का पूरा शरीर तन गया।

डिएगो ने उसका हाथ कसकर पकड़ लिया।

मारियाना ने सबकी ओर देखा।

—आद्रियाना…

—मेरी बच्ची…

—जिस दिन तुम पैदा हुई थीं, उसी दिन से मैं तुम्हें सफेद जोड़े में देखने का सपना देखती रही हूँ।

—अगर मैं तुम्हारे हर महत्वपूर्ण पल में मौजूद नहीं थी…

—तो यह इसलिए नहीं था कि मैं नहीं चाहती थी।

—बल्कि इसलिए कि कभी-कभी दूसरों की नफ़रत एक माँ को उसके बच्चों से अलग कर देती है।

पूरा माहौल जैसे टूट गया।

रोबर्टो इतनी तेज़ी से खड़ा हुआ कि उसकी कुर्सी फ़र्श पर घिसट गई।

लेकिन आद्रियाना उससे भी तेज़ थी।

वह हॉल के बीचोंबीच चली गई।

—जाने से पहले…

—माँ…

—मेरे पास भी आपके लिए कुछ है।

मारियाना मुस्कुराई।

थोड़ी उलझन में।

—मेरे लिए?

आद्रियाना ने उपहारों वाली मेज़ की ओर देखा।

जिमेना और फ़र्नान्दा एक सफेद डिब्बा लेकर आईं, जो अब सैटिन की रिबन से बँधा हुआ था।

रोबर्टो का दिल जैसे डूब गया।

—आद्रियाना… —उसने फुसफुसाया।

लेकिन वह नहीं रुकी।

उसने वह डिब्बा मारियाना के सामने रख दिया।

और कहा—

—इसे खोलिए।

मारियाना ने चारों ओर देखा।

उसके चेहरे पर अभी भी वही मुस्कान थी।

वह अपनी पीड़िता वाली भूमिका नहीं छोड़ना चाहती थी।

—कितना प्यारा उपहार है।

उसने रिबन खोली।

ढक्कन उठाया।

और जैसे ही उसकी नज़र सबसे ऊपर रखे उस पहले पत्र पर पड़ी—

जिस पर उसकी अपनी लिखावट में “अस्वीकृत” लिखा हुआ था—

उसकी मुस्कान सबके सामने उसी पल मर गई।

Disclaimer : This content may be created by AI for entertainment purposes. Any resemblance to real persons, events, or places is coincidental.