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क्रिसमस पर मेरे बेटे ने अपने घर के दरवाज़े से मुझे देखा और कहा, “गलत घर।” उसी रात मैंने उसे फोन पर मेरा मज़ाक उड़ाते हुए सुना: “पैसा उसके लिए यहाँ जगह नहीं खरीद सकता।” मैंने कुछ नहीं कहा। मैंने हर बैंक ट्रांसफर रद्द कर दिया। अगली सुबह उसकी 25 मिस्ड कॉल्स ने सब कुछ बयान कर दिया।

भाग 2

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क्रिसमस की दोपहर तक, डैनियल 41 बार फोन कर चुका था।

मार्गारीटा ने एक बार भी जवाब नहीं दिया।

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वह कोयोआकान वाले अपने घर की रसोई में बैठी थी, अपने कप से उठती भाप को देखते हुए, जबकि घर साफ़, शांत और दर्दनाक रूप से सुनसान था। उसके पति, रोबर्तो, की मृत्यु छह साल पहले हो चुकी थी, और तब से क्रिसमस उसके लिए मनाने की नहीं, बल्कि सहने की चीज़ बन गया था।

डैनियल यह जानता था।

और उसने इसका इस्तेमाल किया था।

जब उसे “अस्थायी नकदी समस्या” के लिए 1,80,000 पेसो चाहिए थे, मार्गारीटा ने भुगतान किया।

जब क्लारा बच्चों को निजी स्कूल में भेजना चाहती थी क्योंकि “सरकारी स्कूल उनका स्तर गिरा रहा था,” मार्गारीटा ने भुगतान किया।

जब डैनियल ने कहा कि परिवर्तनीय ब्याज वाला बंधक उन्हें बर्बाद कर देगा, मार्गारीटा ने भुगतान किया।

शुरुआत में उसने इसे प्यार कहा।

फिर आदत कहा।

और अंततः उसे समझ आया कि यह डर था।

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डर कि अगर उसने अपना बटुआ बंद कर दिया, तो वह अपने इकलौते बेटे को खो देगी।

लेकिन अब वह सच जान चुकी थी।

उसने उसे उस क्रिसमस की पूर्व संध्या से बहुत पहले खो दिया था।

वह तो बस एक भ्रम का किराया भरती रही थी।

दोपहर 1:30 बजे उसकी बहन एलेना रोमेरितोस का एक बर्तन और तेज़ नज़रें लेकर पहुँची।

“तुम कल रात मेरे घर नहीं आई,” अंदर आते ही उसने कहा। “तो मैंने दो बातें सोचीं—या तो तुम मर गई हो, या डैनियल ने कुछ अक्षम्य किया है।”

मार्गारीटा ने बर्तन ले लिया।

“दूसरी वाली।”

वे बैठक में बैठ गईं।

मार्गारीटा ने बिना किसी सजावट के सब कुछ बता दिया।

ठीक वही शब्द दोहराए।

“गलत घर।”

“पैसे से यहाँ तुम्हारे लिए जगह नहीं खरीदी जा सकती।”

एलेना का चेहरा सख्त हो गया।

“वह लड़का अब बिगड़ा हुआ नहीं है। वह आराम का आदी होकर सड़ चुका है।”

“वह बयालीस साल का है,” मार्गारीटा बुदबुदाई।

“तो वह बयालीस साल का आदमी है जो आराम में सड़ चुका है।”

2:05 बजे फोन बजा।

क्लारा थी।

एलेना ने भौंह उठाई।

मार्गारीटा ने कॉल उठाई और स्पीकर ऑन कर दिया।

क्लारा ने अभिवादन तक नहीं किया।

“मार्गारीटा, मुझे नहीं पता तुम कौन-सा नाटक कर रही हो, लेकिन डैनियल के सीने में दर्द हो रहा है।”

मार्गारीटा के चेहरे पर कोई बदलाव नहीं आया।

“तो आपातकालीन सेवा को फोन करो।”

कुछ पल की चुप्पी रही।

“मेरा मतलब वह नहीं था।”

“मुझे पता है।”

क्लारा ने गुस्से में साँस छोड़ी।

“स्कूल की फीस नहीं गई। बंधक कंपनी ने नोटिस भेज दिया है। बिज़नेस कार्ड होटल में अस्वीकार हो गया।”

“होटल?”

एक और विराम।

“हम कल बच्चों को वाले दे ब्रावो ले जाने वाले थे।”

“मेरे पैसों से।”

“सब पहले से तय था।”

“मेरी क्रिसमस भी तय थी,” मार्गारीटा ने कहा।

एलेना ने मुस्कान छिपाने के लिए नज़रें झुका लीं।

क्लारा की आवाज़ ठंडी हो गई।

“तुम अपने पोते-पोतियों को सज़ा दे रही हो।”

“नहीं,” मार्गारीटा ने जवाब दिया। “मैं अपने बेटे का मासिक भत्ता खत्म कर रही हूँ।”

“वह तुम्हारा बेटा है।”

“वह शादीशुदा आदमी है, जिसका घर है, व्यवसाय है, दो कारें हैं और ऐसी पत्नी है जो हँस रही थी जबकि वह मेरा अपमान कर रहा था।”

क्लारा चुप हो गई।

मार्गारीटा ने आगे कहा—

“डैनियल से कहो कि मैं उससे तब बात करूँगी जब वह बिना धमकी, बिना नाटक और बिना घबराहट के बात कर सके।”

उसने कॉल काट दी।

उसी शाम डैनियल बिना बताए आ पहुँचा।

उसने पिछली रात वाला महँगा स्वेटर पहन रखा था, जैकेट नहीं थी, बाल बिखरे हुए थे और आँखें लाल थीं।

उसने दरवाज़ा इतनी ज़ोर से खटखटाया कि शीशा काँप गया।

“माँ! दरवाज़ा खोलो!”

मार्गारीटा गलियारे में खड़ी रही।

एलेना उसके साथ थी।

“मत खोलो,” एलेना ने कहा।

मार्गारीटा ने फिर भी दरवाज़ा खोला, लेकिन चेन लगी रहने दी।

डैनियल ने दरार से उसे देखा।

“सच में? अब तुम भी मुझे बाहर छोड़ोगी?”

मार्गारीटा ने उसकी आँखों में देखा।

“कल तुमने मुझे दिखाया था कि कैसा लगता है।”

डैनियल का गुस्सा आधे सेकंड के लिए टूट गया।

उसके नीचे डर दिखाई दिया।

“माँ, प्लीज़। मुझे सब वापस चाहिए। मैं माफ़ी माँगता हूँ, ठीक है? माफ़ कर दो।”

“किस बात के लिए?”

उसने चेहरा रगड़ा।

“क्रिसमस के लिए।”

“क्रिसमस में क्या?”

“जो मैंने कहा।”

“क्या कहा?”

डैनियल ने जबड़ा भींच लिया।

मार्गारीटा इंतज़ार करती रही।

“गलत घर,” उसने बुदबुदाया।

“और?”

डैनियल सड़क की ओर देखने लगा।

एलेना पास आ गई।

“अपनी माँ को जवाब दो।”

डैनियल ने मुश्किल से निगला।

“मैंने कहा था कि पैसे से यहाँ तुम्हारे लिए जगह नहीं खरीदी जा सकती।”

मार्गारीटा ने धीरे-धीरे सिर हिलाया।

“और तुम सही थे। इसलिए मैंने कोशिश करना बंद कर दिया।”

डैनियल की आँखें फैल गईं।

“माँ…”

मार्गारीटा ने शांति से दरवाज़ा बंद कर दिया।

इस बार डैनियल बाहर रह गया था, ठंड में काँपता हुआ।

और अंदर, मार्गारीटा के फोन पर बैंक का एक ईमेल आया जिसमें एक शब्द लिखा था जो सब कुछ बदल देने वाला था—

“बकाया भुगतान।”

भाग 3

अगली सुबह, सूरज निकलने से पहले ही डैनियल वापस आ गया।

मार्गारीटा ने उसे दूसरी मंज़िल की खिड़की से देखा।

उसकी कार फुटपाथ के सामने तिरछी खड़ी थी, इंजन चालू था और एग्जॉस्ट से धुआँ निकल रहा था।

वह बीस मिनट तक कार में बैठा रहा, फिर उतरा।

इस बार उसने दरवाज़ा नहीं पीटा।

एक बार दस्तक दी।

फिर दूसरी बार, और भी धीरे।

मार्गारीटा तैयार होकर नीचे आई।

वह मुश्किल से सो पाई थी, लेकिन उसे कमजोरी महसूस नहीं हो रही थी।

सालों तक डैनियल से हर बातचीत उसे थका देती थी, क्योंकि हर कॉल में मानसिक गणित करना पड़ता था—उसे कितना चाहिए, वह कितना दे सकती है और उसे कितना अपराधबोध निगलना पड़ेगा।

अब कोई गणित नहीं था।

एलेना सीढ़ियों के नीचे गाउन पहने, बाँहें बाँधे खड़ी थी।

“तुम्हें उससे मिलने की कोई ज़रूरत नहीं।”

“मुझे पता है।”

मार्गारीटा ने दरवाज़ा खोला।

डैनियल के हाथ में एक फाइल थी।

दो दिनों में उसका चेहरा मानो दस साल बूढ़ा हो गया था।

घबराहट ने उसके उस आत्मविश्वास को छीन लिया था जिसे वह अपने सिलवाए हुए सूट की तरह पहनता था।

“क्या मैं अंदर आ सकता हूँ?” उसने पूछा।

मार्गारीटा ने उसे देखा।

“तुम बात करने आए हो या वसूली करने?”

उसने नज़रें झुका लीं।

“बात करने।”

वह एक तरफ हट गई।

डैनियल उस घर में दाखिल हुआ जहाँ वह बड़ा हुआ था।

गलियारे में वही संकरी मेज़ अब भी थी, जहाँ वह बचपन में अपना बैग रखता था।

उसके ऊपर बारह साल की उम्र वाली उसकी तस्वीर टँगी थी, जिसमें वह वेराक्रूज़ के समुद्र तट पर रोबर्तो के साथ मुस्कुरा रहा था।

डैनियल ने तस्वीर देखी और नज़र फेर ली।

वे रसोई में बैठ गए।

एलेना पास ही खड़ी रही, साफ़ कर दिया कि वह कहीं नहीं जा रही।

डैनियल ने फाइल खोली।

“मुझे पता नहीं था कि इतनी सारी चीज़ें तुम्हारे खातों से जुड़ी हुई थीं,” उसने कहा।

मार्गारीटा हल्के से हँसी।

“यही तो समस्या है।”

वह असहज हो गया।

“बंधक की दो किस्तें बकाया हैं।”

मार्गारीटा ने भौंह उठाई।

“दो?”

“मैंने पैसे इधर-उधर किए।”

“कहाँ से?”

डैनियल ने होंठ भींच लिए।

मार्गारीटा पहले से जानती थी।

“व्यवसाय खाते से।”

उसने सिर हिला दिया।

रोबर्तो ने मार्गारीटा को आरामदायक जीवन दिया था, लेकिन मूर्ख नहीं छोड़ा था।

विधवा होने के बाद उसने वित्त, वसीयत और करों के कोर्स किए थे।

उसे कागज़ों में लिखा हुआ डर पहचानना आता था।

“डैनियल,” उसने कहा, “स्थिति कितनी खराब है?”

वह मेज़ की ओर देखने लगा।

“व्यवसाय डूब रहा है।”

एलेना बुदबुदाई—

“क्या आश्चर्य है।”

मार्गारीटा ने हाथ उठाया और एलेना चुप हो गई।

डैनियल धीमी आवाज़ में बोलता रहा।

“महामारी के बाद शुरू हुआ। हमने ग्राहक खो दिए। फिर मैंने कर्ज़ लिया। फिर ब्याज दरें बदल गईं। मुझे लगा एक बड़ा अनुबंध हमें बचा लेगा।”

“और यात्राएँ?”

उसका चेहरा शर्म से लाल हो गया।

“क्लारा कहती थी कि हमें अपनी छवि बनाए रखनी होगी। स्कूल, क्लब, घर, पार्टियाँ… सब हमें एक खास तरीके से जानते हैं।”

मार्गारीटा कुर्सी से टिक गई।

सब हमें एक खास तरीके से जानते हैं।

यही वह वाक्य था जो सारी समस्या के नीचे छिपा हुआ था।

यह ज़रूरत नहीं थी।

यह जीवित रहने की लड़ाई नहीं थी।

यह दिखावा था।

डैनियल उसके पैसों से अपने बच्चों का पेट नहीं भर रहा था।

वह एक मुखौटा खिला रहा था।

“क्या बच्चों को पता है?”

“नहीं।”

“क्या क्लारा सब जानती है?”

डैनियल ने जवाब देने में बहुत देर लगा दी।

“उसे जितना ज़रूरी है उतना पता है।”

एलेना ठंडी हँसी हँसी।

मार्गारीटा ने हाथ जोड़ लिए।

“तुमने मुझे बाहर क्यों छोड़ दिया?”

डैनियल की आँखों में आँसू आ गए।

लेकिन अब मार्गारीटा आँसुओं को सच का प्रमाण नहीं मानती थी।

“क्लारा के माता-पिता वहाँ थे। उसका भाई भी। उन्हें लगता है कि हम वास्तव में जितने हैं, उससे बेहतर स्थिति में हैं। क्लारा ने उनसे कहा कि वाले दे ब्रावो की यात्रा हमने खुद दी है। उसने कहा कि अगर तुम अंदर आईं, तो शायद पैसों की बात करोगी या उन्हें असहज कर दोगी।”

“मैं तो सिर्फ टर्की और स्वेटर लेकर आई थी।”

“मुझे पता है।”

“नहीं,” मार्गारीटा ने कहा। “तुम जानते थे कि मैं उपयोगी हूँ। तुम भूल गए कि मैं इंसान भी हूँ।”

डैनियल सिकुड़ गया।

रसोई में सिर्फ दीवार घड़ी की टिक-टिक सुनाई दे रही थी।

एक पल के लिए मार्गारीटा को वह पाँच साल का बच्चा दिखाई दिया जो टूटी हुई खिलौना कार उसके पास लाता था, इस विश्वास के साथ कि माँएँ हर चीज़ ठीक कर सकती हैं।

लेकिन उसके सामने बैठा आदमी चीज़ों को जानबूझकर तोड़ता था और फिर टुकड़े उसकी गोद में डाल देता था, मानो उन्हें जोड़ना अब भी उसकी ज़िम्मेदारी हो।

“मैं घर नहीं खो सकता,” उसने फुसफुसाया।

मार्गारीटा ने आँगन की ओर देखा।

“शायद खो दोगे।”

उसने सिर उठा लिया।

“माँ।”

“मैं तुम्हें चोट पहुँचाने के लिए नहीं कह रही। मैं इसलिए कह रही हूँ क्योंकि यह सच है।”

डैनियल ने कागज़ उसकी ओर बढ़ा दिए।

“कोई न कोई तरीका तो होगा जिससे तुम मदद कर सको।”

“है।”

उसके चेहरे पर उम्मीद चमक उठी।

मार्गारीटा ने कहा—

“मैं तुम्हें दिवालियापन के वकील से मिलवा सकती हूँ। मैं तीन महीने की वित्तीय सलाह का खर्च सीधे चुका सकती हूँ। मैं तुम्हारे और क्लारा के लिए थेरेपी का खर्च उठा सकती हूँ—साथ या अलग-अलग। मैं बच्चों के लिए एक शैक्षिक ट्रस्ट बना सकती हूँ, जिसे तुम दोनों छू नहीं सकोगे।”

उम्मीद उसके चेहरे से गायब हो गई।

“यह मदद नहीं है।”

“यही एकमात्र मदद है जो मैं दूँगी।”

पुराना गुस्सा उसके भीतर उठने की कोशिश करने लगा।

मार्गारीटा ने उसे उसके जबड़े, कंधों और आँखों में देखा।

लेकिन डैनियल ने एलेना की ओर देखा, जो उसे बंद लोहे के फाटक की तरह घूर रही थी, और उसके भीतर कुछ टूट गया।

“मुझे नहीं पता क्लारा को कैसे बताऊँ।”

“सच से शुरू करो।”

“वह मुझे छोड़ देगी।”

मार्गारीटा ने जवाब देने में समय लिया।

“शायद। या शायद पहली बार उसे उसी वास्तविकता में जीना पड़ेगा जिसमें तुम जी रहे हो।”

डैनियल ने दोनों हाथों से चेहरा ढक लिया।

पहली बार मार्गारीटा उसे सांत्वना देने के लिए मेज़ पार नहीं गई।

उसने उसे उसकी अपनी ज़िंदगी के परिणामों के बीच बैठा रहने दिया।

सुबह 9:12 पर क्लारा का फोन आया।

डैनियल ने स्क्रीन देखी और जवाब नहीं दिया।

फिर दोबारा फोन आया।

फिर मार्गारीटा का फोन बजा।

क्लारा।

मार्गारीटा ने कॉल उठाई।

“क्या वह वहाँ है?” क्लारा ने माँग की।

“हाँ।”

“फोन उसे दो।”

मार्गारीटा ने फोन डैनियल को दे दिया।

क्लारा की आवाज़ पूरी रसोई में गूँज उठी।

“डैनियल, उसने क्या कहा? क्या उसने सब ठीक कर दिया?”

डैनियल ने आँखें बंद कर लीं।

“नहीं।”

कुछ क्षणों की खामोशी रही।

“क्या मतलब नहीं?”

“वह अब भुगतान नहीं करेगी।”

क्लारा फट पड़ी।

Disclaimer: This story is a work of fiction created for entertainment purposes. Any resemblance to real persons, events, or places is coincidental.