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उसने 5 करोड़ डॉलर के बीमे के लिए अपनी गर्भवती पत्नी को बर्फीली चट्टान से धक्का दे दिया। अब वह उस अंतिम संस्कार में है जिसे वह उसकी मौत का समझ रहा है, अपनी गुप्त प्रेमिका के साथ मुस्कुराते हुए… यह जाने बिना कि वह उस गिरावट से बच गई है और उसे सज़ा दिलाने के लिए लौट रही है।

भाग 2:

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मारियाना की आँखें तोलुका के एक निजी अस्पताल में खुलीं।

सफ़ेद रोशनी उसके चेहरे पर पड़ रही थी।

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और ऐसा लग रहा था मानो उसके शरीर की हर हड्डी में दर्द ने अपनी जड़ें जमा ली हों।

सबसे पहली आवाज़ जो उसने सुनी…

वह एक नवजात शिशु के रोने की थी।

वह ज़ोरदार रोना नहीं था।

न ही बिल्कुल साफ़।

वह बहुत हल्की-सी रुलाई थी…

मानो उस बच्चे ने भी इस दुनिया में आने के लिए बर्फ़ से लड़ाई लड़ी हो।

“आपका बेटा ज़िंदा है,” एक डॉक्टर उसके ऊपर झुकते हुए बोला।

“आपकी आपातकालीन सिज़ेरियन सर्जरी हुई थी।

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वह बहुत नाज़ुक हालत में है…

लेकिन लड़ रहा है।”

मारियाना उठना चाहती थी।

लेकिन उसका शरीर उसका साथ नहीं दे रहा था।

“वह…

कहाँ है?”

“नवजात गहन चिकित्सा इकाई में।”

आँसू उसके कानों तक बह गए।

“मैं…

उसे देखना चाहती हूँ।”

“पहले हमें आपको स्थिर करना होगा।”

कमरे के कोने में एस्तेबान रोब्लेस खड़ा था।

गहरे रंग का सूट।

एक ऐसे आदमी की मुद्रा…

जिसकी बात लोग मानते हों।

लेकिन उसकी लाल आँखें बता रही थीं…

कि वह कई रातों से सोया नहीं था।

जैसे ही मारियाना ने उसे देखा…

वह उसके पास आ गया।

“मुझे इस अस्पताल में किसी पर भरोसा नहीं था,” उसने धीमी आवाज़ में कहा।

“इसलिए मैं अपनी निजी सुरक्षा टीम लेकर आया हूँ।

लियोनार्दो को लगता है…

कि तुम मर चुकी हो।”

मारियाना ने आँखें बंद कर लीं।

“अंतिम संस्कार…”

“चल रहा है।”

वे दो शब्द…

उस पर एक और पहाड़ की तरह टूट पड़े।

एस्तेबान ने उसके सामने एक टैबलेट रख दिया।

स्क्रीन पर उसका अपना अंतिम संस्कार सीधा प्रसारित हो रहा था।

सफ़ेद फूलों से ढका ताबूत।

उसकी तस्वीर पर काला रिबन बँधा हुआ था।

उसकी माँ वेदी के सामने रो रही थीं।

एक मौसी उन्हें सहारा दे रही थी।

और…

लियोनार्दो।

काले सूट में बिल्कुल सधा हुआ।

चेहरे पर कोई भावना नहीं।

उसके बगल में इवोन्ने खड़ी थी…

ज़रूरत से ज़्यादा करीब।

“ध्यान से देखो,” एस्तेबान ने कहा।

“तुम्हें यह सब देखना होगा…

उससे पहले कि तुम तय करो कि आगे क्या करना है।”

मारियाना चुपचाप देखती रही।

लियोनार्दो कुछ उद्योगपतियों के पास गया।

धीरे से उनके कान में कुछ कहा।

उनमें से एक आदमी असहज होकर हँस पड़ा।

छिपे हुए माइक्रोफ़ोन ने उसकी आवाज़ साफ़ रिकॉर्ड कर ली।

“जैसे ही यह सब खत्म होगा…

मैं पोलांको वाला घर बेच दूँगा…

और मैड्रिड चला जाऊँगा।

एक टूटी हुई औरत से शादी करने की कीमत मैं काफ़ी चुका चुका हूँ।”

इवोन्ने ने उसकी बाँह पकड़ ली।

“यहाँ ऐसी बातें मत करो।”

“क्या फ़र्क पड़ता है?” उसने जवाब दिया।

“वह मर चुकी है।”

मारियाना के भीतर…

डर से भी कठोर कोई चीज़ जाग उठी।

“मैं…

उसके ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराना चाहती हूँ।”

एस्तेबान ने सिर हिलाया।

“मैं पहले ही कर चुका हूँ।

लेकिन हमें सबूत चाहिए।

उसने सब कुछ बहुत सोच-समझकर किया है।

उसने तुम्हारी गुमशुदगी की रिपोर्ट देर से दर्ज करवाई।

कहा कि तुम घर छोड़कर चली गई थीं।

गवाहों को पैसे दिए।

और…

आज सुबह बीमा का दावा भी दाख़िल कर दिया।”

“आज सुबह?”

“अंतिम संस्कार से पहले।”

मारियाना ने कठिनाई से निगला।

“तो…

उसे उस पैसे की ज़रूरत मेरी मौत के बाद नहीं थी…

उसे मेरी मौत पहले चाहिए थी।”

एस्तेबान ने एक नीली फ़ाइल निकाली।

“अट्ठाईस साल पहले…

मेरी माँ ने मुझे एक पत्र लिखा था।

उसमें लिखा था…

कि अगर मैं कभी तुम्हारे सामने आया…

तो तुम्हारी जान ख़तरे में पड़ जाएगी।

उन्होंने कहा…

हमारे परिवार के दुश्मन हैं।

और मेरी विरासत…

साँपों को आकर्षित करेगी।

मैंने उन पर विश्वास किया…

लेकिन एक महीने पहले…

मुझे उनका एक और पत्र मिला…

जो एक नोटरी के पास सुरक्षित रखा गया था।”

मारियाना ने भौंहें सिकोड़ लीं।

“मेरी माँ तो ज़िंदा हैं।

उन्होंने तुम्हें नोटरी के ज़रिए पत्र क्यों भेजा?”

“क्योंकि उन्हें पता था…

कि एक दिन तुम्हें यह जानने की ज़रूरत पड़ेगी…

कि तुम वास्तव में कौन हो।”

उसने फ़ाइल खोल दी।

उसमें पुरानी तस्वीरें थीं।

एक जवान लड़की…

जो बिल्कुल मारियाना जैसी दिखती थी…

एक युवा एस्तेबान को गले लगाए हुए।

पीछे वाले दे ब्रावो का एक बड़ा घर दिखाई दे रहा था।

फ़ाउंडेशन के दस्तावेज़ भी थे।

“तुम्हारी माँ…

हमारे परिवार के लिए काम करती थीं,” उसने समझाया।

“हम एक-दूसरे से प्यार करते थे।

जब वह गर्भवती हुईं…

तो अचानक गायब हो गईं।

मुझे लगा…

वह मुझे छोड़कर चली गईं।

बाद में पता चला…

कि किसी ने उन्हें धमकाया था।”

“किसने?”

एस्तेबान ने दरवाज़े की ओर देखा।

मानो वह नाम ही बहुत भारी हो।

“मेरे भाई…

आर्तुरो रोब्लेस।”

मारियाना के पूरे शरीर में ठंड दौड़ गई।

वह नाम…

वह जानती थी।

आर्तुरो रोब्लेस…

देश के सबसे प्रभावशाली वकीलों में से एक था।

जज…

उद्योगपति…

राजनेता…

सब उसके करीबी थे।

और…

वही लियोनार्दो का कानूनी सलाहकार भी था।

“नहीं…” मारियाना फुसफुसाई।

“हाँ,” एस्तेबान ने कहा।

“यह सब…

लियोनार्दो ने अकेले नहीं किया।”

उसी समय…

मारियाना का मोबाइल मेज़ पर कंपन करने लगा।

उस नंबर के बारे में कोई नहीं जानता था।

स्क्रीन पर लिखा था—

अज्ञात कॉलर।

एस्तेबान ने बाहर खड़े जासूस को इशारा किया।

वह अंदर आई।

रिकॉर्डर चालू किया।

और कॉल स्पीकर पर उठा ली।

पहले…

किसी की घबराई हुई साँसें सुनाई दीं।

फिर…

इवोन्ने की आवाज़।

“मारियाना…

अगर तुम ज़िंदा हो…

तो वापस मत आना।”

मारियाना का सीना कस गया।

“तुम्हें कैसे पता कि मैं ज़िंदा हूँ?”

इवोन्ने सूखी आवाज़ में रो पड़ी।

“क्योंकि…

लियोनार्दो बहुत जल्दी जश्न मना रहा है।

क्योंकि आर्तुरो ने उससे कहा था…

कि लाश की ज़रूरत नहीं…

बस रिकॉर्ड होना चाहिए।

और…

मैंने ऐसी बात सुन ली…

जो मुझे नहीं सुननी चाहिए थी।”

“क्या सुना तुमने?”

“तुम्हारा बच्चा…

उनका एकमात्र निशाना नहीं था।”

एस्तेबान तुरंत आगे बढ़ा।

“साफ़-साफ़ बोलो।”

इवोन्ने ने अपनी आवाज़ और धीमी कर ली।

“आज रात…

लियोनार्दो ने नवजात शिशु वार्ड में प्रवेश का आदेश दिलवाया है।

उसने कहा…

अगर बच्चा बच गया…

तो बीमा का दावा उलझ जाएगा।

उसने यह भी कहा…

कि आर्तुरो ने प्रमाणपत्र पहले ही बदल दिया है।”

मारियाना की नसों में फिर से खून उबलने लगा।

“मेरे बेटे के पास मत जाने देना।”

“तो जागती रहना, मारियाना,” इवोन्ने ने फुसफुसाया।

“क्योंकि…

तुम्हारा पति…

अस्पताल की ओर आ रहा है।”

कॉल कट गई।

एक पल के लिए…

कोई नहीं हिला।

फिर…

पूरे गलियारे में अलार्म बजने लगे।

एक नर्स दौड़ती हुई भीतर आई।

“श्रीमती रोब्लेस!

नवजात इकाई का प्रवेश द्वार बंद कर दिया गया है!

किसी ने सारे कैमरे बंद कर दिए हैं!”

मारियाना दर्द से चीखते हुए अपने हाथों से लगी सभी नलियाँ खींचने लगी।

“मुझे…

मेरे बेटे के पास ले चलो!”

एस्तेबान ने उसे रोकने की कोशिश की।

लेकिन उसने उसकी ओर ऐसी नज़र से देखा…

जिसे कोई भी रोक नहीं सकता था।

“उन्होंने मुझे पहाड़ी से धक्का देकर मारने की कोशिश की थी,” उसने कहा।

“इस बार…

अगर लियोनार्दो मेरे बेटे को छूना चाहता है…

तो उसे पहले मेरी आँखों में देखकर ऐसा करना होगा।”

उसी समय…

जब पूरा अस्पताल अँधेरे में डूब रहा था…

चिकित्सकीय पोशाक पहने एक साया…

धीरे-धीरे नवजात शिशु वार्ड के भीतर प्रवेश कर चुका था।

Disclaimer : This content may be created by AI for entertainment purposes. Any resemblance to real persons, events, or places is coincidental.