उस संदेश में लिखा था:
“ताबूत में जो शव है… वह मेरा नहीं है।”
मेरे होंठों से एक हल्की-सी चीख निकल गई।
इतनी धीमी कि मुझे खुद भी मुश्किल से सुनाई दी।
मिस्टर औरेलियो ने आधे ब्लॉक तक बिना हेडलाइट जलाए गाड़ी चलाई, सड़क के किनारे-किनारे, मानो वह पुरानी कार मूसलाधार बेवर्ली हिल्स की बारिश में अदृश्य हो सकती हो।
रियर-व्यू मिरर में मैंने चार्ल्स को सड़क पर दौड़ते हुए देखा।
उसके ठीक पीछे हेक्टर आया, मेरा नाम पुकारते हुए।
“माँ! वापस आ जाइए! आपको गलतफ़हमी हो रही है!”
गलतफ़हमी।
उस एक शब्द ने उनकी चीखों से भी ज़्यादा मुझे डरा दिया।
यही वह शब्द था जिसकी उन्हें ज़रूरत थी, ताकि मुझे ऐसी कहानी में फँसा दें जहाँ मैं अपना बचाव ही न कर सकूँ।
मैंने अपना पर्स सीने से कसकर लगा लिया।
उसके अंदर वह पत्र, यूएसबी ड्राइव, मनीला लिफाफा और मौत जैसी गंध वाली खाली शीशी थी।
“मिस्टर औरेलियो,” मैंने फुसफुसाकर कहा, “मुझे सच बताइए। क्या रोजर ज़िंदा हैं?”
बूढ़े ड्राइवर ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
“हाँ, मिसेज़ थेरेसा।”
मेरा दिल इतनी ज़ोर से मेरी पसलियों से टकराया कि लगा मैं वहीं दोहरी हो जाऊँगी।
“कहाँ हैं?”
“एक सुरक्षित जगह पर। लेकिन पहले हमें यह यकीन करना होगा कि कोई हमारा पीछा तो नहीं कर रहा।”
गाड़ी अँधेरी गलियों से गुज़री।
ऊँची दीवारें।
निजी सुरक्षा कैमरे।
गार्ड वाले गेट।
बारिश से भीगे लॉन।
दिन में जितना शानदार दिखने वाला बेवर्ली हिल्स, रात में उतना ही लोहे के गेटों के पीछे छिपे रहस्यों की भूलभुलैया लग रहा था।
दो ब्लॉक पीछे एक काली कार दिखाई दी।
मिस्टर औरेलियो ने उसे शीशे में देख लिया।
“वे लोग हैं।”
“हे भगवान।”
“घबराइए मत। मिस्टर रोजर को पहले से अंदाज़ा था कि ऐसा हो सकता है।”
“मेरे पति ने यह सब पहले से योजना बनाई थी?”
“उन्होंने इसलिए योजना बनाई क्योंकि आपके बेटों ने उनसे पहले अपनी योजना बना ली थी।”
गाड़ी विल्शायर बुलेवार्ड पर मुड़ी, फिर छोटी-छोटी गलियों में घुस गई।
बारिश ने पूरे शहर को टूटे हुए आईने में बदल दिया था।
मैंने खिड़की से धुँधली होती रोशनियाँ देखीं—अब भी खुले रेस्तराँ, छतरियों के नीचे चलते जोड़े, मोड़ों पर खड़ी पुलिस की गाड़ियाँ, और अपनी ज़िंदगी में व्यस्त लोग…
जिन्हें यह बिल्कुल पता नहीं था कि कुछ घंटे पहले ही मैंने एक अजनबी का अंतिम संस्कार किया है।
मेरा फोन फिर वाइब्रेट हुआ।
“औरेलियो पर भरोसा करो। अभी पुलिस के पास मत जाना। चार्ल्स के ऊँचे संपर्क हैं। पहले हमारे हाथ में सबूत आने दो।”
काँपती उँगलियों से मैंने लिखा:
“रोजर, मुझे ऐसी कोई बात बताइए जो सिर्फ़ आपको पता हो।”
एक मिनट से भी कम समय में जवाब आ गया।
“जब हमारी शादी हुई थी, तुम डरकर चर्च के वॉशरूम में छिप गई थीं। मैंने तुम्हें रोते हुए पाया था और तुमने मुझसे कहा था—‘मुझे तुम पर शक नहीं है… मुझे बस इस बात पर शक है कि क्या खुशी मेरे हिस्से में टिक पाएगी।’”
मेरा सीना जैसे फट गया।
यह बात किसी और को नहीं पता थी।
न चार्ल्स को।
न हेक्टर को।
न मेरी बहनों को।
सिर्फ़ रोजर को।
मैंने अपना मुँह ढक लिया ताकि पीछे की सीट पर बैठकर उनका नाम चीख न पड़ूँ।
“ये वही हैं,” मैंने कहा।
“ये मेरे रोजर हैं।”
मिस्टर औरेलियो मुझे शहर के पुराने हिस्से में ले गए।
हम एक पुराने होटल के सामने रुके।
वही तरह का होटल जहाँ अब भी मोज़ेक वाली फ़र्श होती है, धीमी लिफ्ट चलती है और लॉबी में ब्लीच और दोबारा गरम की हुई कॉफी की मिली-जुली गंध आती है।
हम पीछे वाले दरवाज़े से अंदर गए।
सीढ़ियों के पास गहरे रंग का सूट पहने एक महिला हमारा इंतज़ार कर रही थी।
“मिसेज़ थेरेसा,” उसने कहा, “मैं एडवोकेट आइरीन साल्वातिएरा हूँ। मेरे साथ आइए।”
हम तीसरी मंज़िल पर पहुँचे।
हर सीढ़ी मुझे भारी लग रही थी।
मानो मैं तैंतालीस साल की शादी, दो बेटे और एक नकली ताबूत अपने कंधों पर उठाए चल रही हूँ।
कमरा 312 गलियारे के आख़िर में था।
वकील ने ताला खोला।
और…
वहाँ रोजर थे।
खिड़की के पास बैठे हुए।
बहुत दुबले।
चेहरा पीला।
कंधों पर कंबल।
बाँह में ड्रिप लगी हुई।
चेहरा थका हुआ था।
लेकिन उनकी आँखें बिल्कुल वैसी ही थीं।
वही आँखें जिन्होंने मुझे तब देखा था जब हम बीस साल के थे और हमारे पास उधार का बिस्तर, पुराना मिक्सर और मोहल्ले की दुकान का उधार ही था।
“थेरेसिता,” उन्होंने कहा।
मैं दौड़कर उनसे लिपट गई।
फिर उनके सीने पर मुक्का मार दिया।
“तुमने मुझे तुम्हारा अंतिम संस्कार करने पर मजबूर कर दिया, बदमाश!”
रोजर दर्द से सिमट गए, लेकिन उन्होंने मुझे छोड़ा नहीं।
“मुझे माफ़ कर दो।”
“मैं ताबूत के सामने रोई थी!”
“मुझे पता है।”
“मैंने बंद ताबूत को चूमकर विदा किया, यह सोचकर कि तुम उसके अंदर हो!”
“मुझे पता है, मेरी जान।”
मैं फिर से उनसे लिपट गई।
इस बार बिना किसी शर्म के रोई।
उस मृत आदमी के लिए जो मेरा पति नहीं था।
उस पति के लिए जो ज़िंदा था।
उन बेटों के लिए जो अचानक अजनबी बन चुके थे।
और अपने लिए…
जो कुछ ही घंटों में शोक मनाती विधवा से अपने ही परिवार की भगोड़ी बन गई थी।
रोजर ने काँपते हाथों से मेरा चेहरा थाम लिया।
“मैंने तुम्हें पहले न बताकर तुम्हारे साथ गलत किया।”
“पहले? यानी अपनी मौत का नाटक करने से पहले?”
“अगर मैं तुम्हें बता देता, तो चार्ल्स समझ जाता। तुम अपनी आँखों से कभी झूठ नहीं बोल पाती।”
मैं उनसे नाराज़ होना चाहती थी।
लेकिन आवाज़ ही नहीं निकल रही थी।
एडवोकेट साल्वातिएरा ने अंदर से कुंडी लगा दी।
“मिसेज़ थेरेसा, हमारे पास बहुत कम समय है। आज आपके बेटे अदालत में आपको मानसिक रूप से अक्षम घोषित कराने की कोशिश करेंगे। जो डॉक्टर वे आपके घर लाए थे, वह शोक से उत्पन्न मानसिक विक्षिप्तता की रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करने के लिए तैयार था। उसके बाद वे आपकी संपत्ति का अस्थायी नियंत्रण माँगते।”
“मेरी संपत्ति?”
रोजर ने नज़रें झुका लीं।
“पिछले छह महीनों से पूरी संपत्ति सिर्फ़ आपके नाम पर है।”
मैं सन्न रह गई।
“क्या?”
“जब मुझे पता चला कि चार्ल्स यह जानकारी जुटा रहा है कि मेरी मौत के बाद किसी व्यक्ति को मानसिक रूप से अक्षम घोषित कराने की प्रक्रिया में कितना समय लगता है, तभी मैंने सब कुछ आपके नाम कर दिया। बैंक खाते, बीमा पॉलिसियाँ और शेयर भी एक ट्रस्ट में डाल दिए, जिसकी मुख्य लाभार्थी आप हैं।”
कमरा अचानक बहुत छोटा लगने लगा।
“और वे?”
“उन्हें उनका उचित हिस्सा मिलने वाला था। जब तक मैंने उनकी योजना नहीं सुन ली थी।”
वकील ने यूएसबी ड्राइव लैपटॉप में लगाई।
स्क्रीन पर रोजर के स्टडी रूम की निगरानी कैमरे की रिकॉर्डिंग चलने लगी।
तीन हफ्ते पुरानी।
चार्ल्स मेज़ पर बैठा था।
हेक्टर कमरे में चक्कर लगा रहा था।
चार्ल्स की आवाज़ साफ़ सुनाई दी।
“अगर पापा ने वसीयत बदल दी, तो हम खत्म हो जाएँगे।”
हेक्टर बोला,
“माँ हमारे सामने रोने पर कुछ भी साइन कर देंगी।”
“नहीं। माँ दयालु हैं, लेकिन बेवकूफ़ नहीं। हमें उन्हें ऐसी स्थिति में छोड़ना होगा जहाँ उनके पास कोई और रास्ता ही न बचे।”
फिर उन्होंने डॉक्टर की बात की।
कॉफी की।
शीशी की।
अंतिम संस्कार गृह की।
मृत्यु प्रमाणपत्र की।
एक लावारिस शव की।
मैं उठी और बाथरूम की ओर भागी।
इतनी उल्टियाँ कीं कि शरीर में बिल्कुल ताकत नहीं बची।
जब बाहर आई, तो रोजर चुपचाप रो रहे थे।
मैंने उन्हें कभी ऐसे नहीं देखा था।
न तब, जब उनकी माँ की मृत्यु हुई थी।
न तब, जब उनका पहला व्यवसाय बंद हो गया था।
न तब, जब डॉक्टर ने कहा था कि कमर की चोट के कारण वे अब अपने पोते-पोतियों को गोद में नहीं उठा सकते।
“क्यों?” मैंने पूछा।
“वे ऐसे कैसे बन गए?”
रोजर ने होंठ भींच लिए।
“हमने उन्हें बहुत ज़्यादा बिगाड़ दिया। हर बार उन्हें बचा लिया। चार्ल्स पर करोड़ों का कर्ज़ है, जिसे उसने हमसे छिपाया। हेक्टर अपने कॉन्डो पर दो बार गिरवी रख चुका है। दोनों मेरी मौत का इंतज़ार ऐसे कर रहे थे जैसे कोई इनाम मिलने वाला हो।”
मैं उनके सामने बैठ गई।
“वे हमारे बेटे हैं।”
“हाँ।”
“और वे तुम्हें मारना चाहते थे।”
उन्होंने आँखें बंद कर लीं।
“हाँ।”
वह एक शब्द हमारे बीच किसी भारी पत्थर की तरह पड़ा रहा।
आइरीन ने मनीला लिफाफा मेज़ पर रखा, जो मैं स्टडी से लाई थी।
“यही असली वसीयत है। इसके बिना वे कल नकली वसीयत पेश करेंगे, जिसमें मिसेज़ थेरेसा को उनकी अभिभावकता में दिखाया जाएगा और लगभग सारी संपत्ति उनके नाम चली जाएगी।”
“कल?”
“सुबह दस बजे,” रोजर ने कहा।
“चार्ल्स के वकील के दफ़्तर में।”
“हम क्या करेंगे?”
रोजर ने मेरी ओर देखा।
“तुम वहाँ जाओगी।”
“क्या तुम पागल हो?”
“तुम एक दुखी, टूटी हुई विधवा बनकर वहाँ जाओगी। उन्हें नकली वसीयत इस्तेमाल करने दो। जैसे ही वे उस पर हस्ताक्षर करेंगे… हम अंदर आएँगे।”
मैं खड़ी हो गई।
“मैं कोई अभिनेत्री नहीं हूँ।”
उन्होंने उदासी से मुस्कुराते हुए कहा,
“तुम्हें ज़्यादा अभिनय करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। वे तुम्हें पहले ही काफ़ी तोड़ चुके हैं।”
हम पूरी रात नहीं सोए।
बाहर सुबह की ट्रैफिक, डिलीवरी ट्रक और दूर से आती सायरनों की आवाज़ के साथ शहर जागने लगा।
वही शोर जो पहले मुझे परेशान करता था।
लेकिन उस सुबह वह मुझे जीवन की आवाज़ लगा।
मैं ज़िंदा थी।
रोजर ज़िंदा थे।
और हमारे बेटे… हमारे बाहर इंतज़ार करती हुई एक परछाई बन चुके थे।
साढ़े नौ बजे मैंने वही काली ड्रेस पहनी जो अंतिम संस्कार में पहनी थी।
बार-बार होंठ काटने से फट चुके होंठों पर लिपस्टिक लगाई।
और आइरीन द्वारा दिए गए साक्ष्य बैग में खाली शीशी रख दी।
रोजर शुरू से मेरे साथ जाना चाहते थे।
लेकिन वकील ने उन्हें रोक दिया।
“जब तक वे कागज़ पर अपना अपराध साबित नहीं कर देते, आप अंदर नहीं जाएँगे।”
उन्होंने सिर हिला दिया।
मैंने उनका हाथ पकड़ा।
“अगर अगली बार बिना बताए फिर अपनी मौत का नाटक किया… तो सचमुच मैं ही तुम्हें दफना दूँगी।”
उन्होंने हल्की मुस्कान के साथ कहा,
“पक्का।”
कानूनी फर्म सेंचुरी सिटी की एक चमचमाती काँच की इमारत में थी।
जहाँ रिसेप्शनिस्ट भी इतनी धीमी आवाज़ में बात करती थीं, मानो झूठ को भी सलीके से कपड़े पहनकर आना चाहिए।
चार्ल्स ने मुझे गले लगाने की कोशिश की।
मैंने जवाब नहीं दिया।
“माँ, आपने कल रात हमें बहुत डरा दिया।”
उसके पीछे हेक्टर आया।
उसकी आँखें सूजी हुई थीं।
शोक से नहीं।
बेचैनी से।
“आप औरेलियो के साथ चली गई थीं। वह आदमी अब हमारे लिए काम नहीं करता।”
“वह अब अपनी अंतरात्मा के लिए काम करता है,” मैंने कहा।
चार्ल्स ने अनसुना करने का नाटक किया।
कॉन्फ्रेंस रूम में सफेद कोट पहने वही डॉक्टर बैठा था।
एक अजनबी वकील भी।
और मेज़ पर खुला हुआ फ़ोल्डर रखा था।
“माँ,” चार्ल्स ने मीठी आवाज़ में कहा, “हम आप पर कोई दबाव नहीं डालना चाहते। लेकिन पापा कुछ निर्देश छोड़ गए थे। और हमें यह भी सुनिश्चित करना है कि आपकी देखभाल हो।”
“मैं थक गई हूँ।”
“बिल्कुल,” हेक्टर बोला।
“इसीलिए डॉक्टर आपकी जाँच करेंगे।”
डॉक्टर बीमा बेचने वाले सेल्समैन जैसी मुस्कान के साथ बोला,
“बस कुछ आसान सवाल हैं, मिसेज़ थेरेसा। आपकी सुरक्षा के लिए।”
मैं बैठ गई।
“मेरे कितने अच्छे बेटे हैं।”
चार्ल्स मेरी आवाज़ का व्यंग्य समझ नहीं पाया।
या शायद समझकर भी अनदेखा कर गया।
वकील ने नकली वसीयत पढ़नी शुरू की।
उस कागज़ के अनुसार रोजर ने बेवर्ली हिल्स की संपत्ति, बैंक खाते, शेयर और यहाँ तक कि मेरी पेंशन तक का प्रबंधन अपने बेटों को सौंप दिया था।
और मुझे मेरी उम्र तथा “भावनात्मक अस्थिरता” के कारण उनकी देखरेख में रखा जाना था।
मैंने उनसे वह हिस्सा दोबारा पढ़ने को कहा।
उन्होंने फिर पढ़ा।
“भावनात्मक अस्थिरता।”
मैंने चार्ल्स की ओर देखा।
“क्या मैं तुम्हें ऐसी लगती हूँ?”
उसने धीमे स्वर में कहा,
“माँ, इसे गलत मत समझिए। यह तो सिर्फ़ कानूनी भाषा है।”
“नहीं।”
“यह एक पिंजरे की भाषा है।”
हेक्टर का धैर्य टूट गया।
“बस साइन कर दीजिए, माँ। पापा नहीं चाहते कि हम लड़ें।”
“पापा?”
दोनों भाई वहीं जम गए।
मैंने पेन उठा लिया।
चार्ल्स ने साँस रोक ली।
तभी दरवाज़ा खुला।
सबसे पहले आइरीन अंदर आईं।
उनके पीछे दो जासूस।
मिस्टर औरेलियो।
एक नोटरी पब्लिक।
और आखिर में…
छड़ी के सहारे चलते हुए…
रोजर।
मेरे बेटों के चेहरों का सारा खून उतर गया।
हेक्टर के मुँह से घुटी हुई अजीब-सी आवाज़ निकली।
ठीक वैसी जैसे कोई बच्चा चोरी करते पकड़ा जाए।
चार्ल्स एक कदम पीछे हट गया।
“न… नहीं…”
रोजर सीधे उनके सामने जाकर रुके।
“सुप्रभात।”
चार्ल्स का मुँह खुला का खुला रह गया।
“पापा…”
“अभी मुझे पापा मत कहो।”
हेक्टर रो पड़ा।
“मैं यह नहीं चाहता था। चार्ल्स ने कहा था कि बस आपको डराकर मान जाना है।”
चार्ल्स उसकी ओर घूमकर चीखा,
“चुप रहो, बेवकूफ़!”
रोजर ने नज़रें झुका लीं।
उस दिन उनकी दूसरी मौत हुई।
पहली नहीं।
यह उस आख़िरी उम्मीद की मौत थी जो उन्हें अब भी अपने बेटों से थी।
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