
उसका चेहरा अब लाल हो चुका था।
शर्म से नहीं।
गुस्से से।
उसे इस बात पर गुस्सा था कि मैं उसे सच के माध्यम से अपमानित कर रही थी।
यह बात बाद में महत्वपूर्ण साबित होने वाली थी।
क्योंकि रिचर्ड हमेशा यह मानता था कि उसके द्वारा किया गया नुकसान निजी होता है, लेकिन उसके परिणाम सार्वजनिक अपमान के रूप में सामने आते हैं।
अचानक एलेक्सिस सीधी बैठ गई।
“मेरे पिताजी,” उसने कहा।
“क्या?”
वह रिचर्ड की ओर मुड़ी।
“तुमने मेरे पिताजी के करियर में मदद करने का वादा किया था।”
रिचर्ड का चेहरा एकदम स्थिर हो गया।
मैंने दोनों की ओर देखा।
“तुम्हारे पिताजी कौन हैं?”
एलेक्सिस ने निगलते हुए कहा,
“नॉक्स मारकाटो।”
मेरा पेट जैसे बैठ गया।
नॉक्स मारकाटो मेरी कंपनी के ऑपरेशंस विभाग में काम करता था।
चार साल से।
अच्छा प्रदर्शन।
शांत स्वभाव।
विश्वसनीय।
उसने कभी किसी विशेष सुविधा की माँग नहीं की थी।
मैंने रिचर्ड की ओर देखा।
“तुमने मेरी कंपनी में नॉक्स के करियर को प्रभावित करने का वादा किया था?”
रिचर्ड फ़र्श की ओर देखने लगा।
उसकी चुप्पी ही जवाब थी।
और उसी क्षण यह संबंध सिर्फ विश्वासघात नहीं रह गया।
यह मेरे व्यवसाय तक पहुँच चुका था।
मेरी कंपनी तक।
उस एक चीज़ तक जिसे मैंने हमेशा अलग रखा था।
जिसे छूने की अनुमति मैंने रिचर्ड को कभी नहीं दी थी।
एलेक्सिस रोने लगी।
सुंदर दिखने वाले आँसू नहीं।
सचमुच के, बिखरे हुए आँसू, जिन्होंने उसकी आँखों का सारा मेकअप बहा दिया।
“तुमने जो कुछ मुझसे कहा था, उसमें कितना सच था?” उसने रिचर्ड से पूछा।
रिचर्ड के पास कोई उत्तर नहीं था।
मैं खड़ी हो गई।
“एलेक्सिस, मेरे घर से चली जाओ।”
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