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वैलेंटाइन डे पर मैं अपने पति के दफ़्तर में फूलों का गुलदस्ता और पेरिस की दो टिकटें लेकर पहुँची थी, ताकि उन्हें एक खूबसूरत सरप्राइज़ दे सकूँ। लेकिन वहाँ पहुँचकर मैंने देखा कि पूरी कंपनी उनके सीईओ से सगाई का जश्न मना रही थी। उन्होंने उसे चूमा, हीरे की अंगूठी उठाकर सबको दिखाई और मुस्कुराए, जबकि पूरा कमरा तालियों और खुशियों से गूँज उठा।

तभी, गुलदस्ता ज़मीन पर गिरने के बाद पहली बार मैं मुस्कुराई।

इसलिए नहीं कि कोई बात मज़ेदार थी।

बल्कि इसलिए कि ईथन ने गलत अनुमान लगाया था।

उसे लगा था कि मैं घर पर रहूँगी—शायद मोमबत्तियाँ जला रही होऊँगी, शायद कोई कार्ड लिख रही होऊँगी, शायद चुपचाप उससे प्यार करती रहूँगी जबकि वह सार्वजनिक रूप से किसी दूसरी औरत के साथ खड़ा होगा।

उसे यह उम्मीद नहीं थी कि मैं एट्रियम तक पहुँच जाऊँगी।

उसे यह उम्मीद नहीं थी कि बैंक मेरी अनुमति माँगेगा।

उसे यह उम्मीद नहीं थी कि मैं वह पत्नी होना बंद कर दूँगी जो वह जहाँ कहे, वहीं हस्ताक्षर कर देती थी।

मैंने कॉल अस्वीकार कर दी।

फिर मैंने डैनियल रेयेस को फोन किया।

जब मेरी दादी का निधन हुआ था और उन्होंने वह विरासत मेरे नाम छोड़ी थी, जिससे ईथन की पहली कंपनी की शुरुआत हुई थी, तभी से डैनियल मेरे वकील थे। उन्होंने तीसरी घंटी पर फोन उठाया।

“एम्मा?”

“आज दोपहर का अपना पूरा समय खाली कर दीजिए,” मैंने कहा।

कुछ क्षण की चुप्पी रही।

“तुम कहाँ हो?”

“हार्टवेल के बाहर अपनी कार में।”

“अभी घर मत जाना।”

जब तक मैं डैनियल के कार्यालय पहुँची, मेरा फोन पहले ही ईथन के नाम से लगातार जगमगाने लगा था।

पहले एक कॉल।

फिर तीन।

फिर ग्यारह।

मैंने फोन उल्टा करके कॉन्फ़्रेंस टेबल पर रख दिया और डैनियल को सब कुछ बता दिया।

फूल।

अंगूठी।

विक्टोरिया।

बैंक ट्रांसफ़र।

बाथरूम के शीशे पर चिपका पीला नोट।

डैनियल ने बिना बीच में टोके सब सुना।

फिर उन्होंने अपने लैपटॉप में एक सुरक्षित फ़ोल्डर खोला—वह फ़ोल्डर जिसके बारे में मैंने वर्षों से सोचा भी नहीं था।

“एम्मा,” उन्होंने शांत स्वर में कहा, “क्या तुम्हें याद है कि हार्टवेल इन्वेस्टमेंट होल्डिंग्स की शुरुआत किस पैसे से हुई थी?”

“मेरी दादी की विरासत से,” मैंने जवाब दिया।

उन्होंने लैपटॉप मेरी ओर घुमा दिया।

स्क्रीन पर एक स्कैन किया हुआ दस्तावेज़ दिखाई दिया।

मेरे हस्ताक्षर।

मेरा नाम।

और एक प्रतिशत—जिसका मतलब मैं कभी पूरी तरह समझ ही नहीं पाई थी, क्योंकि ईथन हमेशा उन कागज़ों को ऐसे पेश करता था जैसे वे बस औपचारिकताएँ हों।

तिरासी प्रतिशत।

डैनियल मेरे चेहरे के बदलते भाव देखते रहे।

“तुम सिर्फ़ ईथन की पत्नी नहीं हो,” उन्होंने कहा।

“तुम कंपनी की नियंत्रक शेयरधारक हो।”

पूरा कमरा बिल्कुल शांत हो गया।

सालों तक ईथन मुझसे कहता रहा था,

“यह तो बस टैक्स से जुड़े कागज़ हैं। यहाँ हस्ताक्षर कर दो।”

और सालों तक मैंने उस पर भरोसा किया, क्योंकि मेरे लिए शादी का मतलब यह था कि तुम्हारे साथ खड़ा व्यक्ति तुम्हें चुपचाप तुम्हारी अपनी कहानी से बाहर नहीं कर रहा होगा।

डैनियल ने तुरंत फोन करने शुरू कर दिए।

मेरे वित्तीय सलाहकार ने सभी रिकॉर्ड की पुष्टि की।

मूल शेयर प्रमाणपत्र अब भी मेरे नाम पर थे।

होल्डिंग कंपनी के दस्तावेज़ कभी भी हस्तांतरित नहीं किए गए थे।

जिस धनराशि को ईथन स्थानांतरित करना चाहता था, वह उसकी पहुँच से बाहर रोक दी गई थी।

साझा वित्तीय पोर्टलों की पहुँच एक-एक पासवर्ड बदलकर संशोधित की जाने लगी।

उधर मेरा फोन लगातार कंपन करता रहा।

एम्मा, फोन उठाओ।

कृपया।

जो तुमने देखा, बात वैसी नहीं है।

अभी किसी से बात मत करना।

जब तक मैं घर पहुँची, आसमान धूसर हो चुका था और मिस्ड कॉल की संख्या चालीस से ऊपर पहुँच गई थी।

पेरिस के टिकट अब भी मेरे पर्स में थे।

घड़ी अब भी पैक थी।

प्रेम पत्र अब भी सीलबंद था।

मैं रसोई के बीच बने काउंटर के सामने खड़ी होकर ईथन का छोड़ा हुआ पीला नोट देखने लगी।

बड़ा दिन।

हाँ, मैंने मन ही मन सोचा।

वाकई था।

तभी डैनियल का फिर फोन आया।

“एक और बात है,” उन्होंने कहा। “संभव है कि विक्टोरिया को यह विश्वास दिलाया गया हो कि ईथन का कई महीने पहले ही तलाक हो चुका है।”

मैंने अपनी आँखें बंद कर लीं।

तो उसे भी एक झूठी कहानी सुनाई गई थी।

मैं कुछ कह पाती, उससे पहले मेरे लैपटॉप पर एक ईमेल आ गया।

आपातकालीन शेयरधारक बैठक। सुबह 9:00 बजे। उपस्थिति अनिवार्य।

एक पल बाद मेरा फोन फिर जगमगा उठा।

ईथन का एक और कॉल।

फिर एक और।

तभी डोरबेल बजी।

मैंने सामने की खिड़की से बाहर देखा।

मेरे ड्राइववे में एक परिचित काली सेडान खड़ी थी। उसकी विंडशील्ड पर बारिश की बूंदें फिसल रही थीं। एक आदमी बरामदे पर खड़ा था, जिसके सीने से एक चमड़े का फ़ोल्डर लगा हुआ था।

और उसके दूसरे हाथ में था…

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