
भाग 2:
बारह वर्षों तक विक्टर सालगादो, सांतियागो का सबसे भरोसेमंद साझेदार रहा था।
दोनों ने मिलकर मेंदोज़ा एंड सालगादो देसारोयोस को डेल वाये के एक छोटे-से दफ़्तर से राजधानी की सम्मानित रियल एस्टेट कंपनियों में बदल दिया था।
विक्टर ने उनके घर में खाना खाया था।
जब मातेओ छोटा था, तो उसे अपनी गोद में उठाया था।
उसने एलेना के साथ क्रिसमस मनाया था।
और जब सबको लगा कि एलेना मर चुकी है…
तब वही आदमी हर चीज़ संभालने वाला बना।
“कागज़ात मुझे दे दो।”
“तुम अपने बेटे पर ध्यान दो।”
“एलेना भी यही चाहती।”
सांतियागो ने उस पर विश्वास कर लिया।
अब…
अपनी पत्नी के अस्पताल के बिस्तर के पास बैठा…
उसे समझ आ गया था कि उसने अपना दुःख उसी आदमी को सौंप दिया था जिसने उसकी ज़िंदगी उजाड़ दी।
एलेना धीरे-धीरे बोल रही थी।
मानो हर याद उसके भीतर फिर से घाव खोल रही हो।
“लौरा को वे दस्तावेज़ विक्टर के नौकाल्पान वाले निजी गोदाम में मिले थे।
शुरू में उसे लगा कि बात सिर्फ़ कुछ सौ मिलियन पेसो की संपत्तियों की है।
लेकिन…
विक्टर पूरी कंपनी चुरा चुका था।
और वह सब कुछ अपने नाम करने की तैयारी कर रहा था।”
“मैंने उसका सामना किया,” एलेना बोली।
वह अपने अतीत की बात ऐसे कर रही थी मानो वह किसी और की ज़िंदगी हो।
“मैंने उससे कहा था कि उसके पास सच स्वीकार करने के लिए चौबीस घंटे हैं।”
उसी रात…
एलेना, लौरा को वाले दे ब्रावो के पास एक छोटे-से केबिन में ले गई।
उसे लगा कि वहाँ वे शांति से सोच पाएँगी।
लेकिन…
विक्टर वहाँ पहुँच गया।
पहले उसने गिड़गिड़ाया।
फिर धमकाया।
और उसके बाद…
सब कुछ चीखों…
मूसलाधार बारिश…
और हाईवे पर दौड़ती कारों में बदल गया।
एलेना को याद था—
लौरा कार की ओर भाग रही थी।
एक तीखा मोड़।
सामने से आती ट्रक की हेडलाइट।
और…
सुरक्षा दीवार से ज़ोरदार टक्कर।
लौरा बच गई।
लौरा रिवास एक बार फिर गायब हो गई।
और सांतियागो…
जो खुद बुरी तरह घायल था…
उसने कभी कोई सवाल नहीं पूछा।
“तुम्हारे पहुँचने से पहले…
वह अस्पताल में मेरे पास आ गया था,” एलेना ने फुसफुसाकर कहा।
“उसने कहा…
अगर मैं वापस लौटी…
तो मेरी जानकारी की कीमत मातेओ चुकाएगा।”
सांतियागो को लगा जैसे उसके भीतर काला लावा उबल रहा हो।
“तुम वापस क्यों नहीं आई?”
एलेना बिना आवाज़ किए रो पड़ी।
“उसने मुझे यक़ीन दिला दिया था कि वह स्कूल…
घर…
हर जगह नज़र रख रहा है।
वह मुझे मातेओ की स्कूल से निकलते हुए तस्वीरें भेजता था।
वह कहता था…
कि हादसे किसी के साथ भी हो सकते हैं।”
सांतियागो उसी पल अस्पताल से निकलकर विक्टर को ढूँढ़ना चाहता था।
सबके सामने उसका चेहरा तोड़ देना चाहता था।
लेकिन एलेना ने उसकी कलाई पकड़ ली।
“अपने गुस्से को मातेओ की ज़िंदगी मत छीनने देना।
वह हमें एक बार पहले ही खो चुका है।”
यह एक वाक्य…
उसे रोकने के लिए काफ़ी था।
उसी रात…
सांतियागो ने कमांडर मारियाना रोब्लेस को फ़ोन किया।
वह उसके पिता के ज़माने की पुरानी परिचित थीं।
अब वह वित्तीय अपराधों और संगठित अपराध की जाँच करती थीं।
मारियाना आधी रात से पहले अस्पताल पहुँच गईं।
उन्होंने एलेना की पूरी बात बिना टोके सुनी।
नोट्स लिखे।
नाम दर्ज किए।
तारीख़ें।
कंपनियों के नाम।
और बिना हस्ताक्षर वाले दस्तावेज़।
सब कुछ।
जब एलेना की बात पूरी हुई…
उन्होंने सांतियागो की ओर देखा।
“अगर विक्टर को अब भी लगता है कि एलेना मर चुकी है…
तो फ़िलहाल बढ़त हमारे पास है।”
अगले कई हफ़्तों तक…
बहुत कम लोगों को पता था कि एलेना ज़िंदा है।
उसे एक निजी क्लिनिक में दूसरे नाम से रखा गया।
मातेओ हर शाम उससे मिलने आता।
अपने बनाए चित्र लेकर।
होमवर्क लेकर।
और वह पुराना तकिया लेकर…
जिसे वह बचपन से संभालकर रखे हुए था।
शुरुआत में…
वह अपनी माँ को गले लगाने तक से डरता था।
लेकिन धीरे-धीरे…
वह फिर से वैसे ही उसकी हथेली पर सिर रखकर सोने लगा…
जैसे बचपन में सोया करता था।
उधर…
कमांडर मारियाना पुराने मोबाइल फ़ोन से बरामद ऑडियो रिकॉर्डिंग की जाँच कर रही थीं।
तभी…
लौरा के फ़ोन से एक आवाज़ मिली।
उस रिकॉर्डिंग में साफ़ शब्द सुनाई दिए—
“एलेना को कभी वापस नहीं आना चाहिए था।”
Disclaimer : This content may be created by AI for entertainment purposes. Any resemblance to real persons, events, or places is coincidental.